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94.44 प्रतिशत ई केवायसी कर धमतरी जिला प्रदेश बना नम्बर वन

जिले में है कुल 2 लाख 60612 राशन कार्ड जिनमें है 8 लाख 59354 सदस्य


धमतरी। राज्य में एक राष्ट्र एक राशनकार्ड योजनातर्गत सभी राशन कार्डधारियों को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में सावर्जनिक वितरण प्रणाली के तहत 260612 राशनकार्ड है। इन राशनकार्डों में कुल 8 लाख 59354 सदस्य है। (05 वर्ष से अधिक उम्र) शामिल है, जिसमें से 769872 सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण हो गया है तथा 45347 सदस्यों का वास्तविक ई-केवायसी शेष है। ज्ञात हो कि 1389 स्वीकृति हेतु ई केवायसी लंबित है। 11415 ई केवासयी एपीएल के लंबित है। वहीं 88093 का ई-केवायसी लंबित है। धमतरी के बाद 93.54 प्रतिशत ई-केवायसी के साथ सक्ती जिला दूसरे, 93.35 प्रतिशत के साथ बालोद जिला तीसरे, 92.80 प्रतिशत के साथ सारंगगढ़ बिलाईगढ़ चौथे, 92.65 प्रतिशत ई-केवायसी के साथ कोरिया जिला पांचवे स्थान पर है। वहीं प्रदेश के 33 जिलो में से सबसे कम ई-केवायसी सुकमा जिले में 58.74 प्रतिशत हुआ है, जो कि अंतिम स्थान पर है।
5 वर्ष से कम आयु के सर्वाधिक 44135 ई-केवायसी है शेष
धमतरी जिला वैसे तो ई-केवायसी में प्रदेश भर में नम्बर वन है लेकिन जिले में भी 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों का ई-केवायसी सबसे ज्यादा लंबित है। इसकी संख्या 44135 है। इस दिशा में बेहतर प्रदर्शन की आवश्यकता है। बता दे कि सभी उचित मूल्य दुकानों में संचालित ई-पॉस मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। अत: समस्त राशन कार्डधारियों से अपील की जा रही है कि, शासकीय उचित मूल्य दुकान में उपस्थित होकर समस्त शेष सदस्यों का ई-केवायसी अनिवार्य रूप से कराए, ताकि आगामी माह में खाद्यान्न प्राप्त करने में कठिनाई का सामना न करना पडे।

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