नववर्ष पर गंगरेल जलाशय होगा और अधिक सुरक्षित, स्वच्छ व आकर्षक
कलेक्टर ने फूड एंड म्यूजिक फेस्टिवल की तैयारियों का जायजा लिया

पर्यटन स्थलों का निरीक्षण कर दिए समयबद्ध कार्यों के निर्देश,गंगरेल बांध को मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में ठोस पहल
धमतरी- नववर्ष के अवसर पर गंगरेल जलाशय में सैलानियों की संभावित बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता एवं पर्यटन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज गंगरेल जलाशय क्षेत्र एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सभी कार्य नववर्ष से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वन विभाग को चौपाटी एवं बोटिंग क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही अंगार मोती मंदिर परिसर के समीप स्थित दुकानों को फुटकर व्यापारी संघ एवं मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से सुव्यवस्थित करने तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। जेएफएमसी के माध्यम से पार्किंग स्थल, बोटिंग क्षेत्र एवं मंदिर परिसर की स्वच्छता, रूफ टॉप कैफे के सामने पेड़ों की छंटाई तथा अंगार मोती मंदिर से बोटिंग प्वाइंट तक सुगम आवागमन हेतु मार्ग विकास का निर्णय लिया गया। इसके अलावा लेक व्यू पॉइंट को अंगार मोती मंदिर तक विस्तारित करने की योजना पर भी सहमति बनी।
जल संसाधन विभाग को रूफ टॉप कैफे, चौपाटी, डेम क्षेत्र एवं गेट से डब्ल्यूआरडी गेस्ट हाउस तक सड़क किनारे साफ-सफाई कराने तथा आवश्यकता अनुसार डेम गेट को आगे शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एसडीएम धमतरी को सौंपी गई।
नगर निगम द्वारा नववर्ष अवसर पर 1 जनवरी से 4 जनवरी तक आयोजित होने वाले फूड एंड म्यूजिक फेस्टिवल की तैयारियों की भी कलेक्टर ने समीक्षा की। उन्होंने बोटिंग क्षेत्र में आवागमन हेतु चेकर युक्त सुदृढ़ सड़क निर्माण की योजना, विभिन्न स्थलों पर डस्टबिन लगाने तथा पूरे क्षेत्र को मॉडल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
जनपद पंचायत को रूफ टॉप कैफे के संचालन हेतु शीघ्र ई ओ आई जारी करने, चौपाटी को वन विभाग को हैंडओवर करने, शौचालय निर्माण, खुले मवेशियों के विचरण पर नियंत्रण एवं नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को आवश्यक सड़कों का प्राक्कलन तैयार करने के लिए कहा गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि गंगरेल जलाशय जिले की पहचान है और यहां आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गंगरेल बांध को राजधानी रायपुर की मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित करने, बांध किनारे बने पैदल मार्ग में चेकर टाइल्स लगाने, नियमित साफ-सफाई रखने तथा गंगरेल बांध से अंगार मोती माता मंदिर तक लगभग 500 मीटर सड़क निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त रुद्री से गंगरेल पहुंच मार्ग के दोनों ओर रंग-रोगन, साज-सज्जा, सड़क मरम्मत एवं आवश्यक साइन बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेंद्र सिंह ठाकुर,एसडीएम पीयूष तिवारी,कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री चहल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विमल साहू, डिप्टी कमिश्नर नगर निगम पी सी सार्वा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।