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रामायण मात्र धार्मिक ग्रंथ नहीं सम्पूर्ण आदर्श है – पं. अतुल कृष्ण भारद्वाज

कहा नई पीढ़ी में संस्कार के संकल्प से पं. राजेश शर्मा ने कराया श्री रामकथा का आयोजन

अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. अतुल कृष्ण भारद्वाज महाराज ने राधाकृष्ण भवन में की पत्रकारों से चर्चा

धमतरी। आयोजक पं. राजेश शर्मा द्वारा गौशाला मैदान में 9 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। जिसके प्रवचनकर्ता पं. अतुल कृष्ण भारद्वाज महाराज रहे। जिन्होने कथा विराम के एक दिन पूर्व सोमवार को राधा कृष्ण भवन में पत्रकारों से चर्चा की। पं. अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि हिन्दू कभी कट्टर नहीं हो सकता। हिन्दूओं की परवरिश व संस्कार में कट्टरता होती ही नहीं है। हिन्दू धर्म व सनातन संस्कृति में अलगाव की भाषा ही नहीं है। आज का यूथ धर्म की ओर आकर्षित हो रहा है। भारत के विश्व गुरु बनने से पूरे विश्व का कल्याण होगा। मनुष्य पर कई प्रकार के ऋण होते है जो कि परोपकार से मुक्त होते है। रामायण मात्र धार्मिक ग्रंथ नहीं सम्पूर्ण आदर्श है। पं. अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि धमतरी में उनकी यह तीसरी कथा है। धमतरी की भूमि के प्रति उनकी अलग श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि सिहावा के श्रृंगी ऋषि पर्वत के कमंडल धाम में सदैव जल भरा रहता है, यह आश्चर्य का विषय है। 600 फीट ऊंची चोटी में महानदी की धारा निकली है। वह भी पूरे विश्व में अलग है। इसी तरह साऊथ में कावेरी नदी है ये दोनों नदी महर्षि अगस्त्य से जुड़ा हुआ है। दोनों नदी को महर्षि ने लाया। उन्होंने कहा कि भगवान राम चित्रकूट से सिहावा आए थे। श्रीराम के साथ पूरे समय अगस्त्य मुनि रहे हैं। पं. अतुल कृष्ण महाराज ने धर्मांतरण के विषय पर कहा कि यह हमारी विफलता व गलती है 20 हजार किमी दूर से आकर लोग भोलेभाले लोगो को धर्म परिवर्तन करा रहे है और 20 किमी दूर जाकर सनातन के पक्ष में कार्य नहीं करते। हमारे लोगों के पास एजेंडे नहीं है और वो लोग एजेंडा लेकर चलते हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि हिन्दू धार्मिक ग्रंथो में लिखी गई बातो को अपने बच्चों को माइथोलॉजी या कहानी की तरह न बताये बल्कि सत्य घटना की तरह बताए। युवाओं में बढ़ते नशा मुक्ति पर कहा कि सिर्फ सरकार के प्रयास से इस पर रोक नहीं लग सकती है। परिवार व समाज को भी इसके लिए आगे आना होगा। नई पीढ़ी में संस्कार के संकल्प से पं. राजेश शर्मा रामकथा करा रहे है।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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