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स्वयं को सीआईडी अधिकारी बताकर धौंस जमाने वाले आरोपी गिरफ्तार

फर्जी आईडी कार्ड व नेशनल क्राइम कंट्रोल का बोर्ड लगाकर घूम रहा था, स्कार्पियो सहित सामग्री जप्त

टोल टैक्स से बचने एवं अवैध लाभ लेने हेतु कर रहा था दुरुपयोग,आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल

सूचना प्राप्त हुई कि आमातालाब रोड स्थित श्रद्धा वेल्डिंग दुकान के पास एक व्यक्ति अपने स्कार्पियो वाहन क्रमांक सीजी 05 ए यू 6136 में “नेशनल क्राइम कण्ट्रोल ऑर्ग . का लोगो एवं वाईस प्रेजिडेंट सीजी नेशनल क्राइम कण्ट्रोल ऑर्ग . आल इंडिया ” लिखी प्लेट लगाकर खड़ा है तथा स्वयं को सी आई डी अधिकारी बताकर आमजन को धौंस दिखा रहा है।सूचना पर तत्काल पुलिस टीम रवाना हुई। विधि अनुसार गवाहों को नोटिस तामील कर मौके पर पहुंचकर जांच की गई। वाहन के डैशबोर्ड पर उक्त संगठन का लोगो एवं पदनाम प्रदर्शित बोर्ड पाया गया। वाहन चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम टिकेश्वर नरेटी, पिता सगराम नरेटी, 28 वर्ष, निवासी ग्राम डांगरा, थाना दुर्गकोंदल, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.) बताया।पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने पास दो आईडी कार्ड प्रस्तुत किए, जिनमें
क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट एवं “क्राइम इन्वेस्टीगेशन डेटक्टिव अंकित था तथा स्वयं को “नेशनल अफसर ” दर्शाया गया था। दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु विधिवत नोटिस दिए जाने पर आरोपी कोई वैधानिक नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण प्रमाण या अधिकृत आदेश प्रस्तुत नहीं कर सका।आरोपी द्वारा स्वीकार किया गया कि उसने सितंबर 2025 में कथित व्यक्तियों के माध्यम से उक्त फर्जी आईडी कार्ड बनवाए तथा समय-समय पर ऑनलाइन भुगतान कर उनकी वैधता बढ़ाई। आरोपी ने यह भी बताया कि वह इन कार्डों एवं बोर्ड का उपयोग टोल टैक्स से बचने एवं अन्य स्थानों पर प्रभाव जमाने हेतु करता था।
जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से 2 नग फर्जी आईडी कार्ड,1 नग “नेशनल CRIME कण्ट्रोल ऑर्ग.लिखा बोर्ड,1 नग महिन्द्रा स्कार्पियो वाहन,1 नग फ़ोन 11 Pro (जियो सिम सहित)1 नग मोबाइल (जियो एवं बीएसएनएल सिम सहित)को गवाहों के समक्ष जप्त किया गया।
प्रथम दृष्टया आरोपी द्वारा फर्जी पहचान बनाकर स्वयं को सरकारी/जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर आमजन को भ्रमित करना एवं अवैध लाभ प्राप्त करने का प्रयास करना पाया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा थाना सिटी कोतवाली धमतरी में धारा 204, 205, 336(3) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

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