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50 प्रशिक्षु आईएफएस में ट्रेनिंग विजिट पर : भाया धमतरी का वन, पर्यावरणीय वातारण, प्रशिक्षण हेतु धमतरी को बताया मॉडल डिवीजन

गंगरेल स्थित बरदिहा लेक व्यू रिसार्ट में 23 मई तक जारी है प्रशिक्षण

प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने की चर्चा, धमतरी वन डिवीजन में ट्रेनिंग के अनुभव को किया साझा
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून से धमतरी पहुंचे है 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएफएस, वर्किंग प्लान एक्सरसाईज के तहत लॉग टर्म 10 वर्षीय कार्ययोजना पर है फोकस

धमतरी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून से 2024 बैच के 50 प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी वर्किंग प्लान एक्सरसाईज के तहत धमतरी वन डिवीजन में विजिट पर पहुंचे है। 12 मई को गंगरेल स्थित बरदिहा लेक व्यू रिसार्ट पहुंचे और 23 मई तक इनका प्रशिक्षण जारी रहेगा। बरदिहा रिसार्ट प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण व अनुभव के संबंध में चर्चा की।
प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने बताया कि वर्किंग प्लान एक्सरसाईज के तहत धमतरी डिवीजन में विभिन्न वनीय व पर्यावरणी क्षेत्रो का अवलोकन किया जा रहा है। साथ ही लॉग टर्म 10 वर्षीय कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी में प्रति दिन अलग-अलग वन्य क्षेत्रो में भ्रमण कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। धमतरी में साल, सागौन, बांबू सहित मिश्रित वन्य क्षेत्र है। धमतरी में वनों की ग्रोथ व विकास बेहतर है। इसे और बेहतर करने के लिए क्या किया जा सकता है इस ओर भी जानकारी लेकर सुझाव भी दिये जा रहे है। धमतरी वन क्षेत्र के साथ ही प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी दुगली वन प्रसंस्करण केन्द्र भी पहुंचे जहां वनोपज के कलेक्शन, प्रसंस्करण, पैकिंग, ब्राडिंग, सेलिंग की जानकारी ली। साथ ही इससे ग्रामीणों के आय व जीवन पर असर की भी जानकारी ली गई। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी प्रकार के पेड़ो का मुआयना किया। मिट्टी की जांच कर सेम्पल लिये। ग्रामीणो ंसे मुलाकात किया और यह जानने की कोशिश की कि वन्य क्षेत्र के ग्रामीण वनो पर कितना निर्भर है। और वन विभाग उनके लिए और क्या बेहतर कर सकते है। विजिट के दौरान प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी पम्मार नाला गये बने चेकडेम का जायजा लिया,मिट्टी, नमी की जानकारी जानकारी ली। एवं उक्त नाले से आसपास के लोगों को किस प्रकार लाभ हो रहा यह समझा।
इको टूरिज्म से ग्रामीणों को फायदे व बेहतरी पर किया अध्ययन
प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने इको टूरिज्म से ग्रामीणों को फायदे व बेहतरी पर अध्ययन किया है। धमतरी में इको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके संचालन की जिम्मेदारी समिति बनाकर सौंपी गई है। जिससे स्थानीय ग्रामीणों को लाभ हो रहा है। इको टूरिज्म को किस प्रकार जिले में और बेहतर किया जा सकता है इस ओर अधिकारियों ने अध्ययन किया और सुझाव दिए।
हाथी कॉरिडोर को सेफ जोन बनाने का प्रयास
प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने चर्चा के दौरान बताया कि धमतरी में अब तक कई लोगो के हाथी हमले में मौत की जानकारी मिली है। बताया कि हाथी एक विशेष कॉरिडोर पर विचरण करते है। वन्य जीव है, कभी भी हमलावर हो सकते है इसलिए इंसानों को उनसे दूरी बननी चाहिए। साथ ही विभागीय स्तर पर कॉरिडोर रुट पर 360 डिग्री कैमरे लगाए जाए। हाथी मित्र बनाए जाए। विचरण टाईमिंग शाम से लेकर अलसुबह तक हाथी कॉरिडोर से आवागमन न करें व अन्य जागरुकता कार्यक्रमो के माध्यम हाथी मानव भिंड़त को काफी कम किया जा सकता है।
लगभग 100 वर्ष पुराना है धमतरी मॉडल वन डिवीजन
प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों ने बताया कि धमतरी वन डिवीजन प्रशिक्षण हेतु मॉडल वन डिवीजन है। यहां सभी प्रकार की वनों की उपलब्धता है। साल, सागौन, बांबू, मिक्स खड़े, टिक वन मौजूद है। वन्य प्राणियों की उपलब्धता है ब्रिटिश काल से धमतरी डिवीजन का अस्तित्व है। जो कि लगभग 100 वर्ष पुराना है वनोपज है, नदी-नाले है।
ट्रेनिंग 50 प्रशिक्षु आईएफएस में है 6 छत्तीसगढ़ कैडर के अधिकारी
धमतरी पहुंचने वाले 50 प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों में छत्तीसगढ़ कैडर के अक्षय जैन, कुणाल मिश्रा, मृगजा यादव, पारख शारदा, प्रीति यादव, यशस्वी मौर्य, मध्य प्रदेश कैडर के हरिश वर्मा, हेमंत प्रताप सिंग, जिज्ञाशु अग्रवाल, महर्षि कुमार, पंकज चौधरी, प्राजंल चौरसिया, रामानंद किशन राव खंडरे, शंशाक भारद्वाज, शशि कुमार, सौम्या, स्वास्तिक यदुवंशी, झारखंड कैडर के पोरिका लावाकुमार, राहुल कुमार, राजेश कुमार, रितविका पाण्डेय, अनुभव जैन, एजीएमयूटी कैडर के अनुशा कोली, असीम, अतुल तिवारी, चन्द्रभूषण, चेतक सावंत, हाओबी देवर्षी देवी, केयूर भोज, नागभूषण, नवदीप सिंग, सना फैयाज, शुभम कनौज्या, श्रीशन, उड़ीसा कैडर से अर्नब, गोविंथरम, लोब्धी जैन, मेधा सिन्हा, पीआर सबरजीत, पूजा मीना, तेलंगाना कैडर से भार्गव कुमार, निशा, प्रथमेश केशव, यश चन्द्रप्रकाश, आंध्रप्रदेश कैडर से चिधानंदा, एचवी, सिंगुरु कृष्णा, बिहार कैडर से प्रिंस कुमार, रविन्द वर्मा, योगेश बोरकर शामिल है।
धमतरी के लोग, वन व पर्यावरण बेहतर
प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी सतारा महाराष्ट्र निवासी मृगजा यादव, झांसी यूपी निवासी कुणाल मिश्रा व ग्वालियर एमपी निवासी हेमंत प्रताप ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान वे जिले के विभिन्न वनो व ग्रामीण क्षेत्रो में पहुंचे जहां लोगो में वनो के प्रति जागरुकता भी नजर आई लोग वनो को बचाने के पक्ष में दिखे। यहां का वन व पर्यावरण बेहतर है, लोगो का सहयोग भी मिला है। धमतरी का वन व पर्यावरणीय क्षेत्र प्रशिक्षण के लिए बेहतर है। कार्ययोजना के तहत विभिन्न स्टडी हम सभी ने किया। धमतरी के लगभग सभी रेंज में पहुंचे यहां बहुत कुछ सीखने को मिला है। सभी अधिकारियों ने विकास व बायोडायवरसिटी के बीच संतुलन पर जोर दिया।

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