Uncategorized

कलेक्टर जनदर्शन में आए आवेदनों पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही के निर्देश

धमतरी- कलेक्टर जनदर्शन मे जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। जनदर्शन में भूमि विवाद, सीमांकन, अतिक्रमण, निर्माण कार्य संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना, विद्युत कनेक्शन, सिंचाई सुविधा, सामाजिक प्रताड़ना, जर्जर भवन ध्वस्तीकरण, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार तथा ऑनलाइन आवेदन की स्थिति से संबंधित प्रकरण प्रमुख रूप से सामने आए।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जनदर्शन में उपस्थित प्रत्येक आवेदक की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा नागरिकों को न्यायोचित एवं पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
जनदर्शन में कुछ आवेदकों द्वारा भूमि सीमांकन, बाउंड्रीवॉल निर्माण एवं अतिक्रमण से संबंधित विवादों में निष्पक्ष जांच और उचित कार्यवाही की मांग की गई। वहीं कुछ ग्रामीणों ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, भूमि स्वामित्व संबंधी समस्याओं तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग रखी। कलेक्टर ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को सभी मामलों की तथ्यात्मक जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों द्वारा नवीन विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए। इसी प्रकार डांगीमाचा क्षेत्र के किसानों एवं सिंचाई समिति के प्रतिनिधियों ने सोलर सूक्ष्म सिंचाई योजना को विद्युत ग्रिड से जोड़ने की मांग रखते हुए बताया कि वर्तमान व्यवस्था में सीमित समय तक ही सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो पाती है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग से तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कुछ आवेदनों में सामाजिक बहिष्कार, मानसिक प्रताड़ना एवं स्थानीय स्तर पर उत्पन्न विवादों के संबंध में भी शिकायतें प्राप्त हुईं। कलेक्टर ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जांच एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जर्जर एवं क्षतिग्रस्त भवनों को सुरक्षित ढंग से हटाने तथा संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भी आवश्यक प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!