जनविश्वास, विकास और जनकल्याण ही सुशासन की पहचान है प्रगति पथ यात्रा – अजय चंद्राकर
रेलवे, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे को बताया क्षेत्र की प्रगति का आधार

कुरुद। विशेष जनसंपर्क अभियान प्रगति पथ यात्रा सोमवार को कुरूद पहुंची। रेलवे स्टेशन परिसर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर ने सुशासन, क्षेत्रीय अस्मिता और जनभागीदारी पर खुलकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जहां एक ओर केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, वहीं दूसरी ओर बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए विपक्ष पर इशारों ही इशारों में तीखे राजनीतिक तीर छोड़े। विधायक अजय चंद्राकर ने क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा यदि इतिहास उठाकर देख लिया जाए, तो इस क्षेत्र में निरंतरता के साथ लगभग 50 सालों तक एक ही दल का शासन रहा, लेकिन उस लंबे कार्यकाल में केंद्र सरकार की उपस्थिति न के बराबर थी। पचास साल के उस दौर में एकाध बार ही केंद्र की कोई आहट सुनाई दी होगी। विपक्ष के नेतृत्व और उनकी समझ पर सीधा हमला बोलते हुए चंद्राकर ने आगे कहा, राजनीति के माध्यम से ही आप जनसेवा और विकास की दिशा तय कर सकते हैं। चंद्राकर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की प्रगति सही नेतृत्व, मजबूत संगठन और जनता के भरोसे से ही मुमकिन होती है। आज बड़ी रेल लाइन परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण और अंदरूनी सड़कों का जाल बिछने से कुरूद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहा है। शिक्षा और रोजगार के मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने गर्व से साझा किया कि कुरूद महाविद्यालय को नैक मूल्यांकन में ‘बीÓ ग्रेड मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। साथ ही, नई शिक्षा नीति के माध्यम से उच्च शिक्षा का आधुनिकीकरण हो रहा है और औद्योगिक विकास से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति भानु चंद्राकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष गीतेश्वरी साहू तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष गोकर्ण साहू ने अपने संबोधन में केंद्र व राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत और कुरूद क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक बदलावों को विस्तार से रेखांकित किया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति हरखचंद जैन, त्रिलोकचंद जैन, रविकांत चंद्राकर, लोकेश्वर सिन्हा, भोजराज चन्द्राकर, प्रभात बेस, योगेश साहू, कृष्णकुमार साहू, लोकेश साहू, रवि सिन्हा, कल्याण सिंह, धनेश्वरी निर्मलकर, कविता चंद्राकर, सीतेस सिन्हा रवि मानिकपुरी आदि उपस्थित रहे।