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जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने निरीक्षण किया, कहा गुणवत्ताहीन कार्य व लापरवाही को छुपाने का किया जा रहा कार्य

महानदी के मेघा घाट पर लगभग 46.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित पुल का गिरा गर्डर


कुरुद। निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप लग रहे है। बता दे कि महानदी के मेघा घाट पर लगभग 46.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित पुल की गुणवत्ता चर्चाओं में है। 27 जून को पुल का एक नवनिर्मित गर्डर पिलर पर स्थापित किए जाने के दौरान अचानक संतुलन बिगडऩे से नीचे गिरकर कई टुकड़ों में बिखर गया। घटना के बाद टूटे हुए गर्डर के मलबे को मशीनों की सहायता से दबाकर जमीन में दफना दिए जाने के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। सोमवार को जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केवल टूटे गर्डर का मलबा ही नहीं दबाया गया, बल्कि पुल की दूसरी ओर जिस पिलर पर लोड था, उसमें आई दरारों को भी ढकने और छिपाने का प्रयास किया गया। उनका कहना था कि यदि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप हुआ होता तो क्षतिग्रस्त हिस्सों को छिपाने या मलबा दबाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। इससे पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार घटना के समय दो हैवी क्रेन की सहायता से लगभग 10 से 12 टन वजनी गर्डर को पिलर पर चढ़ाया जा रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगडऩे से गर्डर नीचे गिरकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह भी सामने आया कि इतने संवेदनशील और जोखिमपूर्ण कार्य के दौरान विभागीय इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं थे तथा पूरा कार्य गैर-तकनीकी कर्मचारियों के भरोसे कराया जा रहा था। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि थोड़ी भी बड़ी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। निरीक्षण के दौरान नीलम चंद्राकर ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता के संरक्षण के कारण संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से निर्माण एजेंसी मनमाने ढंग से कार्य कर रही है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। निरीक्षण के दौरान रमेशर साहू, जानसिंग, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनीत बाफना, पूर्व सरपंच शंकरलाल साहू, पंच यक्ष कुमार साहू, पूर्व संसदीय अध्यक्ष सुखीराम कुर्रे, दीपक साहू तथा पारसमणि साहू उपस्थित रहे।

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