Uncategorized

उर्वरकों की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई:छापेमार कार्रवाई में 120 बोरी यूरिया जब्त, एक लाइसेंस निरस्त, कई विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस

धमतरी- खरीफ मौसम में किसानों को समय पर खाद-उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन धमतरी द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। संचालक कृषि राहुल देव (भा.प्र.से.) के निर्देशन तथा कलेक्टर के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीम जिलेभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी कर रही है।
इसी क्रम में उप संचालक कृषि, धमतरी के निर्देशानुसार 2 जुलाई को अनुविभागीय कृषि अधिकारी धमतरी एवं विकासखण्ड स्तर पर नियुक्त निरीक्षण दलों ने विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान धमतरी विकासखण्ड के ग्राम दर्री स्थित अशोक ट्रेडर्स, हनुमान कृषि केन्द्र (खरेंगा), उपकार ट्रेडर्स (कण्डेल), पवन ट्रेडर्स (कण्डेल), अंजनेय कृषि केन्द्र (झिरिया), कुरूद विकासखण्ड के चन्द्राकर कृषि केन्द्र (कुहकुहा), अजीत कृषि केन्द्र (दरबा), गुरुकृपा कृषि केन्द्र (सेमरा), नेतराम कृषि केन्द्र (मरौद), यदु कृषि केन्द्र (मुल्ले), शिवम कृषि केन्द्र, हनुमान कृषि केन्द्र (गुदगुदा), नीरज कृषि केन्द्र (सिर्री), प्रणव कृषि केन्द्र (थुहा) तथा मगरलोड विकासखण्ड के शिवम कृषि केन्द्र (भेण्डरी) एवं लोचन कृषि केन्द्र (बुड़ेनी) का निरीक्षण किया गया।

अवैध भण्डारण पर 120 बोरी यूरिया जब्त

निरीक्षण के दौरान मेसर्स वर्षा कृषि केन्द्र, भानपुरी में अवैध रूप से 120 बोरी यूरिया उर्वरक का भण्डारण पाया गया। उर्वरक निरीक्षक द्वारा तत्काल उक्त उर्वरक को जब्त कर उसके विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। मामले की जानकारी कलेक्टर को उपलब्ध करा दी गई है तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

एक विक्रेता का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि मेसर्स अशोक ट्रेडर्स द्वारा प्राप्त उर्वरक लाइसेंस के बावजूद विगत दो वर्षों से उर्वरक व्यवसाय का संचालन नहीं किया जा रहा था। इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।

अनियमितताओं पर कारण बताओ नोटिस जारी

हनुमान कृषि केन्द्र (खरेंगा), उपकार ट्रेडर्स (कण्डेल), पवन ट्रेडर्स (कण्डेल) तथा अंजनेय कृषि केन्द्र (झिरिया) में निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जवाब के परीक्षण के उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

‘उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान’ के तहत निरंतर रहेगी निगरानी

कृषि विभाग द्वारा 01 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक जिलेभर में “उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, बिना पॉस मशीन के विक्रय तथा अन्य अनियमितताओं पर सतत निगरानी रखेंगे। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जिले में खाद-उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण

कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में किसानों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण उपलब्ध है। जिले में वर्तमान में यूरिया 7708.60 मीट्रिक टन, सुपर फॉस्फेट 3787.00 मीट्रिक टन, डीएपी 1534.88 मीट्रिक टन, पोटाश 815.67 मीट्रिक टन तथा एनपीके 3111.68 मीट्रिक टन उपलब्ध है। इस प्रकार कुल 16,958.31 मीट्रिक टन उर्वरक सहकारी समितियों एवं निजी विक्रय केंद्रों में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक उर्वरक संग्रहण केन्द्रों में भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है तथा आवश्यकता के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से अतिरिक्त भण्डारण की व्यवस्था की जा रही है।

किसानों से प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा प्रत्येक खरीद पर रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है, खाद के साथ अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करता है, बिना पॉस मशीन के विक्रय करता है अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने का प्रयास करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी। शासन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में उर्वरकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसान समय पर खेती कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कालाबाजारी अथवा जमाखोरी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!