6 माह में 174 लोगो ने की आत्महत्या, नाबालिग से लेकर बुजुर्ग तक उठा रहे आत्मघाती कदम
नशा, रिश्तो में दरार, तनाव, आर्थिक स्थिति, कैरियर में असफलता जैसे कई कारणों के दबाव को झेल नहीं पा रहे लोग
बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति हुई चिंताजनक, परिवार, समाज, शैक्षणिक संस्था, पुलिस आदि के द्वारा इस दिशा में विशेष ध्यान देने की है आवश्यकता

धमतरी । पिछले कुछ सालो में आत्महत्या के मामले में तेजी से बढ़े है। जो समाज के लिए गंभीर चिंतन का विषय बन चुका है। लोग बातों से लेकर गंभीर समस्याओं का अंतिम समाधान आत्महत्या को मान रहे है। इस कारण आत्महत्या की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है।
मिली जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में आत्महत्या का ग्राफ डरावने तरीके से बढ़ा है, साल 2026 के 6 माह में 174 खुदकुशी हुई है, कारण सब के अलग अलग है लेकिन नशा एक बड़ा कॉमन फैक्टर देखा जा रहा है, पुलिस भी परेशान है, अब इतनी ज्यादा आत्महत्या को रोकना बड़ी चुनौती बन गई है। साल के शुरुआती 6 माह यानी 180 दिनों में 174 आत्महत्या के मामले दर्ज हुए है। लगभग हर रोज एक आत्महत्या हुई है, जान देने वालो में गरीब से लेकर सम्पन्न, नाबालिग व 19 साल के युवा से लेकर 65 साल के बुजुर्ग तक शामिल है। इतने ज्यादा खुदकुशी चिंता बढ़ाने वाले है, जान देने के कारण ज्यादातर नशा, रिश्तो में दरार, तनाव, खराब आर्थिक स्थिति, कैरियर में असफलता, प्रेम प्रसंग जैसे कारण ही सामने आए है। धमतरी में 13 थाना और 2 पुलिस चौकियां है, आत्महत्या के ज्यादा मामले शहरी या सेमी अर्बन इलाको से है, पुलिस विभाग खुद इन आंकड़ों से चिंतित और परेशान है, अधिकारी अपील कर रहे है कि, किसी भी तनाव या समस्या की स्थिति में पुलिस से संपर्क करे और काउंसलिंग करे।
95 फीसदी ने लगाई फांसी, 5 फीसदी ने जहर सेवन कर दी जान
आत्महत्या के मामले में ज्यादातर यह प्रवृत्ति सामने आई है कि खुद की जान लेने में आसानी हो और ज्यादा दर्द भी न हो इसलिए आत्महत्या के पहले लोग ऐसे तरीकों के बारे में जानकारी जुटाते है। मिल रहे आकड़ो के अनुसार मरने वालों में 95फीसदी ने फांसी लगा कर जान दी बाकी 5 फीसदी ने जहर सेवन किया है।
नशापान सबसे अहम कारण
आत्महत्या के वैसे तो कई कारण होते है लेकिन ज्यादातर मामलों में पाया गया है कि लोग नशे की हालत में आत्महत्या कर रहे है। डॉक्टर भी मानते है कि नशा बड़ा कारण है। बीते कुछ सालो में जिले में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। लोग शराब के अतिरिक्त कप सीरप, सिलोशन, गांजा, चिट्टा आदि की भी नशाखोरी बढ़ी है और नशे में दिमागी संतुलन सहीं नहीं होने के कारण आत्मघाती कदम उठाने के मामले ज्यादा होते है।
अधिकांश मामले में नशा आत्मघाती कदम का कारण होता है – शिवा प्रधान
वरदान परमार्थ सेवा समिति के शिवा प्रधान ने कहा कि आत्महत्या के मामले पिछले सालों में काफी तेजी से बढ़े है। इसका मुख्य कारण नशापान है। यह गंभीर चिंतन का विषय है। इस ओर सभी वर्ग के लोगो को ध्यान देने की आवश्यकता है। चिंतनीय है कि सभी उम्र वर्ग के लोग आत्महत्या कर रहे है। अधिकांश मामले में नशा आत्मघाती कदम का कारण होता है इसलिए नशे पर रोक लगाने के साथ ही अन्य उपाये करना आवश्यक है।
नशा के साथ ही कई अन्य कारण होते है आत्महत्या के, लोगो में अब संतुष्टि कम है यह भी एक कारण है – डॉ रचना पद्मवार
मनोचिकित्सक डॉ रचना पद्मवार ने कहा कि जब व्यक्ति चिंतित या तनाव में है ऐसे में तनाव कम करने के लिए नशा करना अच्छा तरीका नहीं है। नशे में हमारी समझ अच्छी नहीं रहती है ऐसे में आत्मघाती कदम उठा सकते है या दूसरों को भी नुकसान भी पहुंचा सकते है। ज्यादातर आत्महत्या फांसी लगाकर की जाती है। क्योंकि आत्महत्या करने के पूर्व इसके आसान व कम दर्द वाले तरीके की जानकारी ली जाती है। इन मामलो में कमी लाने के लिए हमे जागरुकता व सतर्कता बरतनी चाहिए। जैसे आत्महत्या करने के पूर्व व्यक्ति किसी न किसी प्रकार के यह बताता है कि अब वह जीना नहीं चाहता या जीवन से परेशान हो चुका है। ऐसे लक्षणो व बातों को समझने की आवश्यकता है। नशा के अतिरिक्त आर्थिक स्थिति, पारिवारिक विवाद, प्रेम प्रसंग, असफलता जैसे कई अन्य कारण भी आत्महत्या के होते है। अब लोगो में संतुष्टि पहले की तुलना में कम है। लोगों की मां बढ़ी है। जिसके कारण असंतुष्टि बढऩे से आत्महत्या के मामले भी बढ़े है।
किये जायेंगे जनजागरुकता व अन्य प्रयास – एसपी भावना पाण्डेय
एसपी भावना पाण्डेय ने कहा कि जिले में आत्महत्या के बढ़ते मामले निश्चित ही चिंता का विषय है। इस दिशा जनजागरुकता के माध्यम से लोगो को आत्मघाती कदम उठाने से रोकने के प्रयास किये जायेंगे। साथ ही इस संबंध में और क्या बेहतर किया जा सकता है इस पर विचार कर आवश्यक कदम उठायें जाएंगे।