हटकेशर स्थित 11वीं शताब्दी के नागदेव मंदिर में उमड़ी भक्तो की श्रद्धा
मंदिर समिति द्वारा मनाया जा रहा दो दिवसीय नागपंचमी महोत्सव, कल निकाली गई थी भव्य पालकी यात्रा

धमतरी। नागदेव मंदिर समिति द्वारा नागपंचमी पर्व को दो दिवसीय महोत्सव के रुप में धूमधाम से मनाया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन आज नागपंचमी पर हटकेशर स्थित नागदेव मंदिर में अलसुबह से भक्तों की भीड़ जुटी। जहां वे नागदेव के दर्शन पूजन लाभ के साथ दूध अर्पण कर मनवांछित फल की कामना करते रहे। साथ ही मंदिर में विशेष पूजा, श्रृंगार के बाद महाआरती सहित अन्य विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। इसके अलावा कालसर्प दोष शांति निवारण अनुष्ठान पूजा भी मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। हटकेशर वार्ड में ग्यारहवी शताब्दी का नागदेव मंदिर है। जहां नागपंचमी पर्व को हर साल पूरी आस्था एवं उल्लास से मनाया जाता है। इस बार भी नागपंचमी पर्व को दो दिवसीय महोत्सव के रुप मे मना रहे है।
कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान
आयोजकों के अनुसार नागनाथ की छत्रछाया में प्रतिवर्ष होने वाले इस महोत्सव में कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान का विशेष महत्व है। कार्यक्रम में कुंडली में कालसर्प दोष से पीडि़त जातकों ने सहभागिता कर दोष निवारण के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा है। ज्योतिषीय विधि-विधान के अनुसार आचार्यों एवं विद्वान पंडितों के मार्गदर्शन में यज्ञ, पूजन एवं अन्य धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई जा रही है। कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान त्रयंबकेश्वर ज्योर्तिलिंग के आचार्य पं. शिवप्रसाद चतुर्वेदी एवं त्रयंबकेश्वर ज्योर्तिलिंग नासिक के वेदाचार्य पं. कार्तिक शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न कराया गया। आयोजन समिति ने बताया कि कालसर्प दोष को लेकर मान्यता है कि इससे प्रभावित जातकों को मानसिक तनाव, कार्यों में बाधा, आर्थिक उतार-चढ़ाव, नौकरी-व्यवसाय में परेशानी सहित विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसी मान्यता के तहत दोष निवारण के लिए सामूहिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
निकली श्री नागदेव की पालकी यात्रा, जगह-जगह लोगो ने स्वागत एवं पूजन कर मनवांछित फल की कामना

इसके पहले दिन रविवार को नागदेव महाराज की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। इसकी अगुवाई करते आदिवासी, रेला पाटा नृत्य आकर्षण का केन्द्र बनी रही। पालकी यात्रा का जगह-जगह लोगो ने स्वागत एवं पूजन कर मनवांछित फल की कामना की। पालकी यात्रा नागदेव मंदिर से निकली। नागदेव की पालकी यात्रा का जगह-जगह लोगो ने स्वागत एवं पूजन कर अपनी आस्था प्रकट की। साथ ही पालकी यात्रा में विशेष रुप से शामिल आंगादेव सहित अन्य आकर्षण का केन्द्र बना रहा। पालकी यात्रा शीतलापारा, लालबगीच, सुभाषनगर, हटकेशर का भ्रमण कर नागदेव मंदिर में संपन्न हुआ।

