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चालीहा महोत्सव के 25 वें दिन प्रेम प्रकाश आश्रम में हुआ चालीसा पाठ एवं भजन कीर्तन का आयोजन

नम्रता की मूर्ति आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊॅंराम जी महाराज के चालीहा महोत्सव के 25 वें दिन चालीसा पाठ एवं भजन कीर्तन का कार्यक्रम श्री प्रेम प्रकाश आश्रम परिवार द्वारा भजन कीर्तन किया गया. चालीसा पाठ गुरुभक्त मनीष आसवानी राजा रोहरा रेखा वाधवानी कृपा रोहरा एवं कृपा सुमित वाधवानी ने किया एवं माता मोहिनी देवी एवं माता कलावतीदेवी ने आचार्यश्री के द्वारा रचित भजन गाया भजन आचार्य श्री द्वारा रचित श्री प्रेम प्रकाश ग्रन्थ में पृष्ठ क्रमांक 55 पर राग आसा भजन क्रमांक 87 में अंकित है इस भजन के द्वारा आचार्यश्री सभी मनुष्यों के कल्याण के लिए सदुपदेश दे रहे हैं कि अगर आपको अपना भाग्य बनाना है तो संतों के सत्संग में आओ. सतसंग में रोज आने से न केवल आपका भाग्य उज्ज्वल होकर संवर जाएगा साथ ही आपकी सारी उलझनें आपके सारे कष्ट विघ्न दूर होंगे इतना ही नहीं साध सगत में आने से आपको मनवांछित फल प्राप्त होंगे जिसके लिए आप सदैव चिन्तित रहते हैं साध संगत में ऐसा अनुपम अमृत बरसता है जिसे पीकर गुरमुख गुरु का प्यारा हर्षित हो अपने सारे शोक मिटा लेता है. आचार्यश्री इस भजन में कह रहे हैं ऐसे प्रेमी जो नित्य सत्संग में आने का नियम निभाते हैं मैं उन पर बहुत प्रसन्न होता हूं ऐसे भक्तों पर मै बार बार बलिहार जाता हूं। श्री प्रेम प्रकाश मण्डल के वर्तमान अध्यक्ष गुरुदेव सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश जी महाराज ने आचार्यश्री सद्गुरु स्वामी टेऊॅंराम जी महाराज के चालीहा महोत्सव के 25 वें दिन आचार्यश्री के नम्रता पर प्रकाश डालते हुए सन्देश भेजा है.

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