अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर सार्थक स्कूल के विशेष बच्चों ने प्रस्तुत की प्रौढ़ शिक्षा पर आधारित लघुनाटिका

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर सार्थक स्कूल, धमतरी के विशेष बच्चों ने प्रौढ़ शिक्षा पर आधारित लघुनाटिका प्रस्तुत की। प्रस्तुति छोटी थी, लेकिन उसमें छिपी खुशी और भाव बहुत गहरे थे। बच्चों ने अपने सहज अभिनय के माध्यम से साक्षरता को किताबों और अक्षरों से आगे ले जाकर आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ दिया।
लघुनाटिका में प्राची सोनी ने शिक्षिका की भूमिका निभाई। यज्ञदत्त, नेमेश, देवश्री, एकलव्य, मनीषा एवं वत्सला ने प्रौढ़ व्यक्तियों की भूमिका निभाई। शिक्षिका के सामने जब उन्होंने बारी-बारी से अपना नाम लिखकर दिखाया, तो हर सही अक्षर के साथ उनके चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास बढ़ता गया। वह दृश्य मानो कह रहा था कि कभी-कभी कुछ अक्षर केवल शब्द नहीं बनाते, वे किसी के भीतर विश्वास भी जगा देते हैं।
प्रौढ़ शिक्षा को रोचक और सहज बनाने के लिए प्राची सोनी ने “मछली जल की रानी है” एवं “ऊपर पंखा चलता है” जैसी कविताएँ गाकर बच्चों को खूब हँसाया। ‘अनार के अ’ से लेकर ‘अः’ तक अक्षरों की पहचान कराते हुए शिक्षा को खेल, गीत और मुस्कान के साथ प्रस्तुत किया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जी.ई. फाउंडेशन भिलाई के संस्थापक प्रदीप पिल्लई ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। बच्चों की प्रतिभा से प्रभावित होकर उन्होंने उन्हें 27 सितंबर को महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर, भिलाई में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया। यह आमंत्रण बच्चों के लिए न केवल खुशी का अवसर बना, बल्कि उनकी प्रतिभा को मिले एक सुंदर प्रोत्साहन के रूप में सामने आया।इस अवसर पर सुभाष मलिक, मैथिली गोड़े, देविका दीवान, कौशिल्या यादव, काजल रजक, सुनैना गोड़े, एवं पालकों सविता शेख एवं प्रेमबती साहू ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
