शिक्षा में एआई के उपयोग से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तक, सीईओ ने दिए आवश्यक निर्देश
आदिवासी कन्या आश्रम, उपस्वास्थ्य केन्द्र और एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

धमतरी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने नगरी विकासखण्ड के ग्राम सलोनी और पथर्रीडीह स्थित विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं, शैक्षणिक गतिविधियों, अधोसंरचना और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री नाहटा ने ग्राम सलोनी स्थित आदिवासी कन्या आश्रम का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की पढ़ाई, आवासीय व्यवस्था, भोजन, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ आधुनिक तकनीक को शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि नई तकनीकों के माध्यम से कठिन विषयों को भी सरल, रोचक एवं प्रभावी ढंग से समझाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, जिज्ञासा और सीखने की क्षमता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर भी ध्यान देने को कहा। आश्रम प्रबंधन द्वारा शिक्षक-पालक बैठक एवं अन्य सामुदायिक गतिविधियों के लिए शेड की आवश्यकता बताई गई, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उपस्वास्थ्य केन्द्र सलोनी के निरीक्षण के दौरान श्री नाहटा ने उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाइयों, प्रसव संबंधी सेवाओं, साफ-सफाई एवं आधारभूत व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपस्वास्थ्य केन्द्र आम नागरिकों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए यहां आवश्यक सुविधाएं सुचारू एवं उपयोगी स्थिति में रहनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान प्रसव कक्ष एवं शौचालय में मरम्मत की आवश्यकता सामने आई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। इसके बाद एकलव्य आवासीय विद्यालय पथर्रीडीह का निरीक्षण किया।
