निषाद समाज मुड़पार की 11 महिला की आस्था और श्रद्धा में दिखी भगवान राम की भक्ति
मुख्य अतिथि अजय चंद्राकर एवं कलेक्टर की सार्थक व पवित्र पहल का विजय मोटवानी एवं राजेंद्र शर्मा ने किया स्वागत


धमतरी। जिला प्रशासन द्वारा रुद्रेश्वर घाट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76 वां जन्मदिन के अवसर पर प्रज्वलित किए गए आशीर्वाद के दिया के जगमगाहट तथा अंधेरे को चीरता हुआ प्रकाश के पीछे की वास्तविकता, प्रमाणित सच्चाई के साथ इस कार्यक्रम की सार्थक पहचान पूरी पवित्रता के साथ फलीभूत करने वाली सृजनशील मेहनत की एक महत्वपूर्ण प्रतिबिंब देखने को मिला जब भगवान सूर्य के उदय होने के साथ ही सुबह-सुबह दिखाई दी जब हजारों की संख्या में जलाए गए दीपक जो महानदी के तट पर जो अव्यवस्थित रूप से यत्र – तत्र बिखरे हुए थे उसे ग्राम मुड़पार के रहने वाली भगवान राम को भवसागर पार करने वाला मैत्री का शाश्वत व पवित्र संबंध के प्रतीक निषाद समाज की 11 महिलाएं तरुण निषाद, अनुराधा निषाद,गणेश्वरी निषाद, संगीता निषाद,रूपशिला निषाद, धनेश्वरी निषाद, कुमारी निषाद,चंद्रकला निषाद, जमुना निषाद, मालती निषाद, गीता निषाद के संवेदनशील हाथों ने पूरी आस्था और श्रद्धा के पवित्र भावनाओं के साथ इस दीपकों का संग्रहण किया, जिसके लिए उन्हें प्रेरित,कार्यक्रम के बाद ही इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अजय चंद्राकर एवं संवेदनशील कलेक्टर अविनाश मिश्रा के संयुक्त निर्णय एवं सार्थक प्रयास ने ब्रह्म शुभ मुहूर्त में ही इस संग्रहण कार्य में नैतिक कर्तव्य के साथ ही सनातन धर्म ,संस्कृति एवं मान्यताओं को को भी पुष्ट कर दिया जिसकी सर्वत्र प्रशंसा और सराहना हो रही है। उक्त कार्य मैं अपनी सहभागिता प्रदान करने के साथ ही इसके साक्षी बनने के लिए महानदी के रुद्रेश्वर घाट, कार्य स्थल पर पहुंचे नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा एवं निगम पीडब्ल्यूडी अध्यक्ष विजय मोटवानी ने सभी मातृ शक्तियों का श्रीफल एवं तिलक वंदन करते हुए सम्मान एवं स्वागत कर उनके इस कार्य को नमन कर समाज के लिए मार्गदर्शक एवं प्रेरणा स्रोत बताया।
सार्वजनिक जीवन में आत्मिक संतुष्टि के साथ मोदी जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने वाला रहा कार्य -: विजय मोटवानी
उक्त पुण्य कार्य स्थल पर विजय मोटवानी में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के निस्वार्थ सेवा का सही मायने में सम्मान आज आशीर्वाद समारोह के दिया संग्रहण के साथ ही इस संग्रहीत करने का माध्यम बनने वाली निषाद समाज की महिलाओं को सम्मानित करने के बाद आत्म संतुष्टि के रूप में प्राप्त हुआ जो हमारी सार्वजनिक जीवन की अनमोल पूंजी है।
