बस स्टैण्ड के बाहर रुक रही यात्री बसों से लगता है जाम, बढ़ी दुर्घटना की आंशका
सवारी बैठाने, उतारने के लिए बस चालक यातायात नियमों की उड़ा रही धज्जियां

धमतरी। नया बस स्टैण्ड में रोजाना सैकड़ो बसों का आवागमन होता है हजारों यात्री बस स्टैण्ड से अपने गंतव्य की ओर जाते है। और धमतरी आते है ऐसे व्यस्त क्षेत्र में भी यातायात नियमों की धज्जियां रोजाना उड़ाई जा रही है।
बता दे कि बस स्टैण्ड में यातायात को सुगम बनाने वाहनों को फंसने से बचाने बस स्टैण्ड के एक गेट से प्रवेश और दूसरे गेट से निकासी कराई जाती है। इससे व्यवस्था में सुधार था। लेकिन कुछ बस चालक, परिचालकों द्वारा बस स्टैण्ड के बाहर व गेट पर ही बसों को रोककर यात्री बैठाया व उतारा जाता है। जिससे यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। बस स्टैण्ड से बसे काफी धीमे चाल से सवारियों के इंतजार में निकलती है। उसके बाद भी बसों को बस स्टैण्ड के बाहर सड़क पर कुछ देर तक रोक दिया जाता है। जिससे नेशनल हाईवे पर चलने वाली वाहनों के आवागमन की गति धीमी पड़ जाती है। और यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होने लगती है। गेट के बाहर दिन भर में कई बार यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। जिससे दुर्घटना की आंशका बढ़ते जा रही है। बसों के बाहर रुकने के कारण वाद विवाद की स्थिति भी बसों में काम करने वालों के बीच बनती रहती है। विडम्बना है कि बस स्टैण्ड में यातायात चौकी थी जो अब बंद है। दिन भर में कई बार यातायात व पुलिस की अन्य पेट्रोलिंग वाहने पहुंचती रहती है। लेकिन न तो बस चालकों को समझाईश दी जाती है और न ही कार्रवाई होती है।
तीज त्यौहारो पर स्थिति हो जाती है गंभीर
जब समान्य दिनों में ही बस स्टैण्ड के बाहर बसे रुकने से यातायात बाधित होता है तो विशेष मौके तीज त्यौहारो पर जब यात्रियों की संख्या कई गुणा बढ़ जाती है तब स्थिति गंभीर हो जाती है। बस स्टैण्ड के बाहर दिन भर जाम की स्थिति लगी रहती है। हाल ही में तीज पर्व के दौरान तीन-चार दिनों तक बस स्टैण्ड के बाहर पल-पल जाम की स्थिति बनी रही है। इस दौरान यातायात के जवान तैनाय किया गया था, लेकिन उनसे भी व्यवस्था नहीं संभली।

