Uncategorized

शहर में खल रही आक्सीजोन की कमी, निगम बजट में 2 करोड़ का प्रावधान, लेकिन प्रक्रिया फाइलों तक सीमित

बढ़ते आबादी, यातायात, वायु प्रदूषण व घटते हरियाली के बीच आक्सीजोन बन रही शहर की जरुरत

निगम बजट 2026-27 में महिमा सागर वार्ड स्थित पूर्व ट्रेचिंग ग्राउंड में आक्सीजोन निर्माण हेतु किया गया है राशि का प्रावधान

धमतरी। शहर में घटती हरियाली और बढ़ते क्रांकीटीकरण के बीच आज आक्सीजोन धमतरी के जरुरत बन रहा है। इस आवश्यकता और भविष्य को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा बजट में इसे बनाने के लिए राशि का प्रावधान किया गया है। लेकिन इस दिशा में अब तक सार्थक प्रयास नहीं हो पाये है।
बता दे कि धमतरी शहर की आबादी साल- दर- साल बढ़ती जा रही है। शहर के आलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी कालोनियां विकसित हो रही है। जिससे अघोषित रुप से शहर का विस्तार होने लगा है। पिछले एक दशक में धमतरी शहर का विस्तार होने लगा है। धमतरी शहर में क्रांक्रीट का जाल तेजी से बिछा है। सड़के पुल – पुलिया व अन्य विकास कार्य तेजी से हुए है। यातायात का दबाव बढ़ा है। वायु प्रदूषण भी बढ़ा है। ऐसे में लोगों को सुकुन व पर्याप्त आक्सीजन वाले स्थान की कमी महसूस हो रही है। इसलिए अब शहर में आक्सीजोन का निर्माण आवश्यक माना जा रहा है। नगर निगम के सत्र 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में शहर के महिमा सागर वार्ड स्थित पूर्व ट्रेचिंग ग्राउंड में आक्सीजोन निर्माण हेतू 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे लोगों में शहर में आक्सीजोन निर्माण की उम्मीदें बढ़ी है। हालांकि अब तक इस दिशा में कोई विशेष सार्थक पहल की सूचना नहीं है।
यह होता है ऑक्सीजोन –
शहरी क्षेत्रों में बनाया गया एक ऐसा विशेष हरित क्षेत्र होता है, जिसका मुख्य उद्देश्य घने और औषधीय पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाना और वायु प्रदूषण को कम करना है। सामान्य पार्कों की तुलना में यहाँ पेड़-पौधे बहुत अधिक घने और वैज्ञानिक तरीके से लगाए जाते हैं, ताकि वे एक शहरी जंगल की तरह काम कर सकें। इन पार्कों में पीपल, बरगद, नीम, जामुन और आम जैसे स्थानीय पेड़ लगाए जाते हैं। पीपल और बरगद जैसे पेड़ वातावरण में 24 घंटे ऑक्सीजन छोड़ते हैं। कई शहरों में कम जगह में घना जंगल उगाने के लिए जापानी तकनीक मियावाकी का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पौधे बहुत तेजी से बढ़ते हैं। बेहद घनी हरियाली के कारण इन पार्कों के अंदर का तापमान शहर के सामान्य तापमान से करीब 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक कम रहता है। ये पार्क हवा में मौजूद हानिकारक धूल कणों को सोखकर हवा को शुद्ध बनाते हैं। स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इनमें प्राकृतिक वॉकिंग ट्रैक, योग और ध्यान केंद्र तथा ओपन जिम जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं। फलदार पेड़ होने के कारण यहाँ लुप्त हो रहे पक्षियों, तितलियों और छोटे जीवों को उनका प्राकृतिक आवास मिलता है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!