धान तैयार, किसान तैयार, फिर 15 नवंबर तक इंतजार क्यों? सरकार किसानों को परेशान करना बंद करे : हरमीत सिंह होरा

धमतरी। नागरिक सहकारी बैंक अध्यक्ष हरमीत सिंह होरा ने छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू करने के सरकार के निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसानों की फसल तैयार है तो खरीदी के लिए 15 नवंबर तक इंतजार कराने का क्या औचित्य है? उन्होंने कहा कि धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू होनी चाहिए, ताकि किसानों को समय पर अपनी उपज बेचकर दीपावली और आगामी कृषि जरूरतों के लिए राशि मिल सके। हरमीत सिंह होरा ने कहा कि एक ओर सरकार धान खरीदी की तारीख 15 नवंबर तय कर रही है, वहीं दूसरी ओर पटवारी और कोटवार अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। गिरदावरी, रकबा सत्यापन और राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने से इसका सीधा असर किसानों पर पड़ सकता है। सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल समाधान कर राजस्व व्यवस्था सुचारु करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले खरीदी सीजन में किसानों को टोकन, बारदाना, रकबा सत्यापन और धान उठाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। सरकार को पिछली गलतियों से सबक लेते हुए इस बार खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त बारदाना, सरल टोकन व्यवस्था, सुचारु तौल और समय पर उठाव सुनिश्चित करना चाहिए। हरमीत सिंह होरा ने कहा कि सरकार किसानों की सुविधा के बजाय उन्हें इंतजार कराने की नीति पर चल रही है। किसान खेत में मेहनत कर चुका है, अब सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने मांग की कि खरीदी 1 नवंबर से शुरू की जाए और पटवारी-कोटवारों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।