छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति, स्वाभिमान और गौरव का महापर्व है राज्य स्थापना दिवस – पंडित राजेश शर्मा
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बनाया छत्तीसगढ़, डॉ. रमन सिंह जी के 15 वर्षों ने विकास को गति देकर ऊंचाइयां दी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसान, माता-बहनों और बस्तर सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम लिख रहा - पंडित राजेश शर्मा

धमतरी। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं धर्मप्रेमी समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 2000 का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में गौरवशाली दिन है। श्रद्धेय पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अलग छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां की जनता को अपनी विशिष्ट पहचान और विकास की नई संभावनाएं प्रदान कीं। आज अटल जी के सपनों का छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। श्री शर्मा ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के 15 वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश ने सड़क, बिजली, सिंचाई, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित किए। छत्तीसगढ़ खेती-किसानी, वन संपदा, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है। यहां की असली ताकत हमारे किसान, मेहनतकश श्रमिक और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक किसान प्रधान राज्य है, जहां किसानों की खुशहाली ही प्रदेश की समृद्धि का आधार है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक मजबूती, धान का उचित मूल्य, कृषक उन्नति योजना और कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। वहीं महतारी वंदन योजना के माध्यम से माताओं और बहनों को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसान समृद्ध हों, महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और हर परिवार के जीवन में खुशहाली आए।
बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय
पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी उपलब्धियों में बस्तर का बदलता स्वरूप विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने इस संकल्प को पूरा करने के लिए स्पष्ट रणनीति और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अभियान का नेतृत्व किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार, सुरक्षा बलों और केंद्रीय एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद उन्मूलन के लक्ष्य की पूर्ति की घोषणा हुई। उन्होंने कहा कि यह बस्तर और सरल आदिवासी समाज के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब बस्तर में शांति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, पर्यटन और विकास की नई संभावनाओं को गति मिल रही है। बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और परंपराएं अब देश-दुनिया के सामने नई पहचान बना रही हैं। श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल खनिज और प्राकृतिक संपदा से नहीं, बल्कि यहां के सरल स्वभाव, मेहनतकश किसानों, वीर जवानों, समृद्ध लोकसंस्कृति और भाईचारे से है। हम सबका संकल्प होना चाहिए कि अपने प्रदेश की संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें। अंत में पंडित राजेश शर्मा ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की पुन: शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अटल जी के सपनों का छत्तीसगढ़, किसानों की खुशहाली, मातृशक्ति के सम्मान, युवाओं के अवसर और बस्तर सहित पूरे प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।