छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान हमारी पहचान – महापौर रामू रोहरा
26वें राज्य स्थापना दिवस पर महापौर ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं, विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागिता का किया आह्वान

धमतरी। छत्तीसगढ़ के 26वें राज्य स्थापना दिवस के गौरवशाली अवसर पर नगर निगम धमतरी के महापौर जगदीश (रामू) रोहरा ने समस्त प्रदेशवासियों एवं क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। महापौर श्री रोहरा ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और स्वाभिमान का प्रतीक है। यहां की समृद्ध लोकसंस्कृति, गौरवशाली इतिहास, प्राकृतिक संपदा, आध्यात्मिक विरासत और मेहनतकश जनता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की सरलता, सहजता, सद्भावना, भाईचारे और कर्मठता में निहित है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद से छत्तीसगढ़ ने विकास के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन, जनकल्याण, अधोसंरचना विकास और जनहितकारी योजनाओं के माध्यम से निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। डबल इंजन की सरकार प्रदेश की जनभावनाओं के अनुरूप विकास और विश्वास के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। महापौर ने कहा कि हमारा संकल्प केवल छत्तीसगढ़ की गौरवशाली उपलब्धियों पर गर्व करना ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए एक विकसित, आत्मनिर्भर, समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ का निर्माण करना भी है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और प्रत्येक नागरिक को मिलकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि धमतरी सहित पूरे प्रदेश का समग्र विकास, युवाओं के लिए बेहतर अवसर, किसानों की समृद्धि, महिलाओं का सशक्तीकरण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना हम सभी की सामूहिक प्राथमिकता होनी चाहिए। अंत में महापौर श्री रोहरा ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करते हुए सभी से छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को सहेजने, अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने और विकास की नई इबारत लिखने में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।


