Uncategorized

हाईटेक बस स्टैण्ड, गोकुलनगर, ट्रांसपोर्ट नगर, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज, उद्योग, रोजगार आदि मांगे जस की तस

बीते पांच सालों में इन कार्यो को नहीं मिल पाई गति, अब नई भाजपा सरकार से है उम्मीद

पूर्व भाजपा शासन काल के समय से कई मांगे आज तक नहीं हो पाई है पूरी
धमतरी। धमतरी जिले में विकास का पहिया धीमा घूमा जिसके चलते जनता के उम्मीदों के अनुरुप विकास नहीं हो पाया आज धमतरीवासी यहां विकास को पिछड़ा हुआ मानते है। कई ऐसे मांगे है जो कि सालों दशकों से जनता द्वारा की जा रही है लेकिन आज तक वे मांगे पूरी नहीं हो पाई। एक और सत्ता चली गई और अब नई सत्ता आ चुकी है। अब नई सरकार से धमतरीवासियों को विकास की बड़ी उम्मीदे है। बता दे कि सालों से यहां की जनता द्वारा हाईटेक बस स्टैण्ड की मांग की जा रही है। निगम बजट में हर बार हाईटेक बस स्टैण्ड के लिए राशि का प्रावधान किया जाता है। जगह का भी चिन्हाकन किया जा चुका था। कई बार राज्य सरकार को प्रपोजल भी भेजा गया लेकिन राशि स्वीकृत ही नहीं हो पाई नतीजन हाईटेक बस स्टैण्ड आज भी मांग ही बनी हुई है। इसी प्रकार गोकुल नगर, ट्रांसपोर्ट नगर की मांग सालों से हो रही है। निगम आज तक गोकुलनगर के लिए डेयरी व्यवसाईयों, पशु पालकों के साथ समन्वय नहीं बना पाई है। नतीजन भूमि चिन्हाकिंत होने, टेंडर जारी होने के बाद भी यह प्रक्रिया ठंडी पड़ी है। इसलिए आमजनता को मवेशियों की समस्या से रोजाना जूझना पड़ रहा है। इसी प्रकार मुख्य मार्गो के किनारे भारी वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है ऐसे में यातायात प्रभावित होता है। दुर्घटना की आंशका बनी रहती है।

ट्रांसपोर्ट नगर शहर से दूर बसाना आवश्यक हो गया है। इसके अतिरिक्त सालों से जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने की मांग हो रही है। यदि यह मांग पूरी हो जाती है तो यहां लोगो को और बेहतर और उच्च स्तर का उपचार मिल पायेगा। साथ ही धमतरी में ही मेडिकल की पढ़ाई हो पायेगी। वहीं पॉलीटेक्निक कॉलेज रुद्री को इंजीनियरिंग कॉलेज में अपग्रेड करने की मांग करते सालों बीत गये लेकिन इस ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। धमतरी में उद्योगो की कमी है राईस मिल ही एक मात्र उद्योग है। यदि अन्य उद्योग ईकाईयां स्थापित करने का प्रयास किया जाये तो स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। अतिक्रमण भी बड़ी समस्या है। अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है। कई विभागे में रिक्त पद है। डाक्टरों टेक्निशयनों के रिक्त पदों के कारण जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधायें कई बार प्रभावित होती है।
रुके हुए पीएम आवास होंगे पूरे


बता दे कि राज्य व केन्द्र सरकार की लड़ाई में आज जनता पीसती है। अब केन्द्र व राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने से टकराव की स्थिति निर्मित नहीं होगी। बीते कार्यकाल में पीएम आवास योजना की स्थिति खराब रही हजारों आवास शुरु तो हुए लेकिन पूरे नहीं हो पाये। कुछ को पूरे होने में सालों लग गये और हजारों आवास स्वीकृति के इंतजार में है। चूंकि भाजपा सरकार द्वारा 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत करने की घोषणा की है। ऐसे में उम्मीद है कि जिनके आवास शुरु हो चुके है उनके खाते में भी रुकी हुई किश्त की राशि जल्द आ सकती है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!