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असंगठित कमर्कारो को नहीं है शासकीय योजनाओं की जानकारी

पंजीयन के पश्चात भी नहीं मिल रहा लाभ

धमतरी। श्रम विभाग से असंगठित कमर्कारों का पंजीयन कर उन्हें शासकीय योजनाओं की लाभ दिलाया जाता है। लेकिन आज भी अधिकांश असंगठित कर्मकार ऐसे ही जिन्हें योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं है और ये योजनाओं के लाभ से वंचित है।असंगठित कमर्कारो की श्रेणी में धोबी, दर्जी, माली, मोची, बुनकर निर्माण, मजदूर, बीडी मजदूर, हड्डी बीनने वाले, रिक्शा चालकों के साथ कुल 51 प्रकार के मजदूर आते है। लेकिन इन मजदूरों में आज भी शासकीय योजनाओं की जानकारी का अभाव है। कई मजदूर तो ऐसे है जो पंजीयन तो करा लेते है, लेकिन इसके पश्चात योजनाओं का लाभ ही नहीं उठा पाते। योजना के तहत असंगठित कमर्कारों को सिलाई मशीन, सायकल आदि प्रदान किया जाता है। साथ ही उनके बच्चों को छात्रवृत्ति सहित पेंशन देने का भी प्रावधान है। लेकिन ऐसा कम ही हो पाता है। मिली जानकारी के अनुसार असंगठित कमर्कार सामाजिक सुरक्षा अनिधियम के तहत पंजीयन किया जाता है। इसके तहत कमर्कारो को गंभीर बीमारी जैसे किडनी, कैंसर, सिकलिन, हृदय रोग, एड्स, लवका आदि बीमारियों के उपचार हेतु 50 हजार रुपये चिकित्सकी सहायता के रुप में प्रदान किया जाता है। जबकि सामान्य मृत्यु पर 30 हजार, दुर्घटना में मृत्यु पर 75 हजार, स्थाई अंपगता होने पर 37 हजार 500 रुपये के साथ ही उनके बच्चों को जो 9वीं से 12 वीं एवं आईटीआई में अध्ययनरत बच्चों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान किया जाता है, लेकिन अधिकांश पंजीकृत मजदूर इस योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते।
ये है पंजीयन के लिए पात्रता


जिनकी उम्र 14 से 60 वर्ष के बीच हो, कृषि मजदूर के लिये 2.5 एकड़ या उससे कम भूमि हो, अन्य वर्ग के लिये 50 हजार रुपये वार्षिक आय से कम होने पर पंजीयन की पात्रता होती है। उक्त योजना के तहत वे हितग्राही अपात्र हो जाते है जो स्वयं को क्षति पहुंचाये, आत्महत्या या अत्याधिक शराब सेवन से मृत्यु हो जाये। पवर्तारोहन करने के दौरान मृत्यु हो, शिकार और दंगा में मृत्यु पर बीमा योजना का लाभ नहीं मिलता।

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