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अर्जुनी, श्यामतराई, लिमतरा, खपरी, कोकड़ी, कुहकुहा, चारभाठा, दहदहा, खम्हरिया, टांगापानी, रानीगांव, बांसपानी में लगा आज संकल्प शिविर

जनकल्याण्कारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने सुनाई अपनी कहानी अपनी जुबानी

धमतरी/विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत जिले में लगातार संकल्प शिविर आयोजित कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों को दी जा रही है। कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी के निर्देश पर आज धमतरी विकासखण्ड के अर्जुनी, श्यामतराई, लिमतरा, खपरी, कुरूद विकासखण्ड के कोकड़ी, कुहकुहा, चारभाठा, दहदहा और नगरी विकासखण्ड के ग्राम खम्हरिया, टांगापानी, रानीगांव और बांसपानी में संकल्प शिविर आयोजित किये गये थे। इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली। वहीं योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने अपनी कहानी, अपनी जुबानी सुनाई।
टांगापानी के सुमन लाल मंडावी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के तहत उन्हें पक्का आवास निर्माण के लिये एक लाख 20 हजार रूपये मिले। आवास निर्माण के बाद उनके परिवार द्वारा मजदूरी का कार्य किया गया, जिसमें उन्हें मनरेगा के तहत 90 दिन का रोजगार प्राप्त हुआ और 15 हजार रूपये मजदूरी के रूप में मिले। आवास मिलने के पूर्व सुमन लाल का कच्चा, खपरैल युक्त मकान था, जिसमें बारिश के दिनों में लगातार पानी टपकता था और जमीन पर सिलन भी आती थी। अब उनका परिवार खुशी-खुशी पक्के मकान में जीवन यापन कर रहा है। सुमन लाल ने बताया कि आवास निर्माण के साथ-साथ उन्हें स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत शौचालय बनाने के लिये 12 हजार रूपये भी शासन द्वारा प्राप्त हुये। वर्तमान में उनका परिवार पक्के मकान में निवासरत है और पूरा परिवार शौचालय का उपयोग कर रहा है।
टांगापानी के नरेश कुमार मरकाम बताते हैं कि उनके घर में शौचालय नहीं होने की वजह से वे शौच के लिये जंगल जाते थे, जिससे उन्हें जंगली जानवरों और कीड़े-मकोड़ों का डर लगा रहता था। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत उन्हें शौचालय निर्माण के लिये 12 हजार रूपये मिले। परिवार सहित नरेश कुमार प्रधानमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हैं कि उन्हें अब शौच के लिये जंगल जाना नहीं पड़ता।
कोकड़ी की दिनेश्वरी साहू ने अपनी कहानी अपनी जुबानी सुनाते हुये बतातीं हैं कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत उन्होंने अपनी पुत्री का खाता खुलवाया। उन्होंने बताया कि खाता खुलवाने के लिये पुत्री की उम्र 10 वर्ष से कम हो, निवेश अवधि 15 वर्ष है। दिनेश्वरी ने आगे बताया कि खाताधारक अपनी पुत्री के नाम से एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रूपये और अधिकतम डेढ़ लाख रूपये तक निवेश कर सकता है। पुत्री के 18 साल वर्ष की आयु होने पर मैच्योरिटी की रकम का 50 फीसदी निकाला जा सकता है एवं बची हुई रकम बेटी की उम्र 21 साल होने पर निकाली जा सकती है। योजना अवधि के 21 वर्षां के दौरान मिलने वाली ब्याज दर 8 प्रतिशत है। जन्म प्रमाण पत्र तथा अभिभावक के केवाईसी के साथ किसी भी अधिकृत बैंक शाखा या डाकघर शाखा में खाता खोला जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बचत राशि तथा मिलने वाली ब्याज राशि से पुत्री को उच्च शिक्षा दिलाने व उनकी विवाह हेतु आर्थिक बचत करने से दिनेश्वरी काफी खुश है। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना प्रारंभ करने के लिये प्रधानमंत्री का धन्यवाद दिया और ग्रामीणों को भी इस योजना का लाभ लेने प्रेरित कर रहीं हैं।
गौरतलब है कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत जिले के विभिन्न ग्रामों में लगने वाले संकल्प शिविरों में धरती कहे पुकार के थीम पर बच्चों द्वारा देशभक्तिपूर्ण रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जा रहे हैं। वहीं कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।

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