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कारगिल विजय दिवस पर शहीदों की शहादत को किया गया नमन

आज का दिन देश के वीर सपूतों और देश के प्रति कर्तव्यों की याद दिलाता है - दीपक सोनकर


धमतरी । महिमा सागर वार्ड स्थित कारगिल उद्यान में एमआईसी सदस्य कमलेश सोनकर,वार्ड पार्षद दीपक सोनकर, नरोत्तम यादव,भूपेश साहू ने विजय स्मारक के समक्ष श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों की शहादत को नमन किया। कारगिल विजय दिवस पर एमआईसी सदस्य कमलेश सोनकर ने कहा की 26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध पर विजय प्राप्त किया था। आपरेशन विजय को सफलता पूर्वक अंजाम देकर भारत भूमि को घुसपैठियों के चुंगल से मुक्त कराया था. इसी की याद में 26 जुलाई को अब हर वर्ष कारगिल दिवस के रूप में मनाया जाता है ।यह दिन उन शहीदों को याद कर अपना श्रद्धा सुमन अर्पण करने का है जो हंसते हंसते मातृ भूमि के रक्षा करते वीरगति को प्राप्त हो गए है। यह दिन उन्हे समर्पित है जिन्होंने अपना आज हमारे कल के लिए बलिदान कर दिया. वीरों का साहस हिमालय से ऊंचा था इस युद्ध में हमारे लगभग 527 से अधिक वीर योद्धा शहीद व 1300 से ज्यादा घायल जो गए इन शहीदों ने भारतीय सेना की शौर्य व बलिदान को उस सर्वोच्च परंपरा का निर्वाह किया,जिसकी सौगंध हर सिपाही तिरंगे के समक्ष लेता है। वार्ड पार्षद दीपक सोनकर ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के शहादत पर कहा की जिस राष्ट्र ध्वज के आगे कभी उनका माथा सम्मान से झुका होता था,वही तिरंगा मातृ भूमि के इन बलिदानी जाबजो से लिपटकर उनकी गौरव गाथा का बखान कर रहा था। मातृ भूमि पर सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानी भले ही अब हमारे बीच नहीं है,मगर इनकी यादें हमारे दिलो में हमेशा हमेशा के लिए बसी रहेगी।

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