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कुछ थाना क्षेत्रो का होगा पुर्नगठन, कोतवाली, अर्जुनी के कुछ क्षेत्र को रुद्री में जोडऩे की है योजना

थाना क्षेत्रो का हो रहा सीमांकन, थानों का दायरा और दूरी के हिसाब से होगा क्षेत्रो में कांट छांट

कुछ थानों में अपराध व वर्कलोड है ज्यादा, कुछ थानों में न अपराध ज्यादा है न ही वर्कलोड
थानों का एरिया और वर्कलोड बैलेंस कर पुलिस रिस्पांश टाईम घटाने पुलिसिंग बेहतर बनाने एसपी कर रहे हर संभव प्रयास
धमतरी। धमतरी जिले में कई थाने और चौकियां है तत्कालीन आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए थाना चौकियों खोली गई थी, लेकिन अब सालों बीतने के बाद कुछ थानों का पुर्नगठन की आवश्यकता महसूस हो रही है इसलिए एसपी आंजनेय वाष्र्णेय बेहतर पुलिसिंग हेतु कुछ थानो के पुर्नगठन का प्रयास कर रहे है। बता दे कि रुद्री थाना का आसपास के अन्य थानों की तुलना में दायरा कम है। और इस थाना क्षेत्र में अपराध भी काफी कम है वहीं सिटी कोतवाली और अर्जुनी थाना में अपराध व वर्कलोड काफी ज्यादा है। कोतवाली के अन्तर्गत पूरा शहर आता है। यह अपराध राजनीतिक गतिविधियों व अन्य मामलों में हमेशा संवेदनशील थाना माना जाता है। यहां अपराधों की ग्राफ ज्यादा है पुलिस की ड्यूटी भी अपराध नियंत्रण के अतिरिक्त अन्य कार्यो में भी लगता है। इसलिए वर्कलोड भी हमेशा ज्यादा रहता है। इसी प्रकार अर्जुनी थाना क्षेत्र का दायरा काफी बड़ा है। आमदी नगरी पंचायत भी अर्जुनी थाना अन्तर्गत आता है। अपराध, बड़े दायरा और वर्क को देखते हुए आमदी में नये थाना खोलने का प्रपोजल पीएचक्यू को भेजा गया है। यदि स्वीकृति मिल जाती है तो अर्जुनी से आमदी नपं व आसपास के कई गांव हट जायेंगे। इससे वर्कलोड घटेगा। पुलिसिंग बेहतर होगी। इसलिए जब तक नये थाना चौकी की स्वीकृति नहीं मिल जाती इंतजार करने से बेहतर अपने स्तर पर कुछ थानों में वर्कलोड बैंलेंस करने का प्रयास एसपी कर रहे है। जिसके तहत रुद्री, कोतवाली व अर्जुनी थाना क्षेत्रो का सीमांकन कर क्षेत्र की जानकारी ली जा रही है। ताकि किस क्षेत्र को किस थाने में जोड़़ा जा सकता है।
यह क्षेत्र जुड़ सकता है रुद्री थाने में
बता दे कि कोतवाली अन्तर्गत आने वाले गोकुलपुर व अमलताशपुरम व अन्य कालोनियां वाले क्षेत्र को रुद्री थाना में जोड़कर कोतवाली का दायरा और वर्कलोड घटाने पर विचार चल रहा है। है। वहीं यदि आमदी में थाना स्वीकृति मिल जाती है। तो रत्नाबांधा, दुर्ग रोड व मुजगहन उससे आगे आमदी तक का एरिया अर्जुनी से काट कर आमदी में जोडऩे की योजना है। इससे अर्जुनी थाना का दायरा व वर्कलोड घटेगा। कुछ अन्य क्षेत्र है जो अर्जुनी थाना में आते है उन्हें भी रुद्री में भविष्य में जोड़ा जा सकता है। वर्तमान में रुद्री में काम व अपराध दोनो कम है। इससे तीनों थानों का वर्कलोड बैलेंस हो सकता है। और रिस्पांश टाईम बेहतर बनाया जा सकता है।
दोनर क्षेत्र में चौकी खोलने की है योजना
एसपी बेहतर पुलिसिंग हेतु एक और नई सोच की दिशा में आगे बढ़ रहे है। दोनर क्षेत्र में एक पुलिस चौकी खोलना चाहते है। दरअसल दोनर क्षेत्र में एक ही लाईन में अनेक गांव है रेत खदानो के कारण यह क्षेत्र संवेदनशील बना रहता है। कई बार वाहनों को रोकने चक्काजाम विरोध प्रदर्शन अचानक हो जाते है। दुर्घटनायें भी होती है। कानून व्यवस्था बिगडऩे का डर लगा रहता है। इसलिए दोनर क्षेत्र में एक पुलिस चौकी खोलने से कानून व्यवस्था बेहतर बनाने में काफी हद तक मद्द मिल सकती है।
पुलिस बल की कमी से जूझ रहा जिला, की गई है मांग
उक्त सारी योजनाएं धरातल पर तभी संभव हो पायेगी जब जिला पुलिस में पर्याप्त बल हो। पिछले कई सालों से बल की कमी है ऐसे में थानों में भी सेटअप की तुलना में कम पुलिस वालों की तैनाती है। इससे कई बार पुलिसिंग में दिक्कत आती है। एसपी श्री वाष्र्णेय द्वारा जिले के लिये पुलिस बल की मांग की गई है। यदि बल मिलता है तो ही नये थाना चौकी में पदस्थापना आसानी से हो पायेगी। नही ंतो जिले के थानों में पहले से ही बल की कमी है।
रुद्री, अर्जुनी व कोतवाली थानों का वर्कलोड व एरिया बैंलेंस करने की दिशा कर रहे प्रयास – एसपी आंजनेय वाष्र्णेय

एसपी आंजनेय वाष्र्णेय ने चर्चा के दौरान बताया कि कुछ थानों में वर्कलोड कम है कुछ थानों में ज्यादा है इसलिए थानों का दायरा और वर्कलोड बैलेंस करने पर विचार किया जा रहा है। कोतवाली अर्जुनी थाने का कुछ क्षेत्र रुद्री थाने में जोड़ा जा सकता है। इससे वर्कलोड बैलेंस होगा। वहीं आमदी थाने की मांग की गई है यदि स्वीकृति मिलती है तो रत्नाबांधा, मुजगहन से लेकर आमदी तक का एरिया नये आमदी थाने जोड़कर अर्जुनी थाना का दायरा और वर्कलोड घटाया जा सकता है। दोनर क्षेत्र में पुलिस चौकी की आवश्यकता महसूस हो रही है। बल की डिमांड भी की गई है। साथ ही कोतवाली क्षेत्र के कुछ इलाकों को रुद्री थाना में जोड़कर तीनों थानों का वर्कलोड बैंलेस करने का प्रयास किया जायेगा। इससे पुलिस रिस्पांस टाईम और भी बेहतर होगा। बेहतर पुलिसिंग में मद्द मिलेगी।

 

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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