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बुद्ध ने जीवन का रहस्य और अम्बेडकर ने आदर्श नागरिक का धर्म बताया- रामू रोहरा

दो समाज का एक जगह कार्यक्रम सामाजिक समरसता का उदाहरण है-उमेश साहू

ग्राम रीवागहन में बौद्ध समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण कार्यक्रम हुआ साथ ही साहू समाज और आदिवासी समाज द्वारा एक स्थान पर भूमि पूजन का कार्यक्रम रखा गया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामू रोहरा महामंत्री भाजपा छत्तीसगढ़ ने बौद्ध समाज के सामाजिक जनों को संबोधित करते हुए कहे की भगवान गौतम बुद्ध ने राज पाठ धन दौलत घर परिवार को छोड़कर सत्य की खोज में निकले और सत्य को प्राप्त करके पूरे विश्व के मानवता की कल्याण के लिए वह जीवन पर्यंत सत्य के रास्ते पर चलने का आवाहन किया इसी तरह डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने भी गरीबी और छुआछूत के दंश को झेलते हुए यह निश्चय किया कि इस बीमारी का एक ही समाधान है शिक्षा और शिक्षा को ही सबसे बड़ा धर्म मानकर उस रास्ते पर आगे बढ़े और एक दिन आजाद भारत के संविधान के निर्माता हुए यह बौद्ध समाज के लिए बहुत बड़ा गौरव की बात है और गौतम बुद्ध और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के रास्ते पर चलते हुए अन्य मानव समुदाय को भी इस रास्ते पर चलने की प्रेरणा देना हम सब का कर्तव्य है।उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा शोषित और कमजोर वर्ग के लिए किया जा रहे अनेक शासकीय योजनाओं का भी जिक्र सबके सामने किया।
कार्यक्रम में उपस्थित उमेश साहू पूर्व सांसद प्रतिनिधि ने अपने उद्बोधन के में कहे की आज इस मंच पर आदिवासी समाज और साहू समाज एक साथ भूमि पूजन कार्यक्रम को करके सामूहिक रूप से सभा का आयोजन किए हैं यह आज के समय में सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है। विकास के कार्य कभी समाप्त नहीं होते यह सतत प्रक्रिया है मांग और पूर्ति चलते रहता है लेकिन मानवता को दृष्टिगत रखते हुए सभी वर्गों को एक साथ एक भाव बनाकर चलते हुए संसार में जीवन व्यतीत करना भी एक बड़ा धर्म है।जिसका पालन होते आज देखा जा रहा है इस विषय पर उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए समाज को साधुवाद दिया।कार्यक्रम में उपस्थित जनपद उपाध्यक्ष राजू चंद्राकर क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य दमयंती साहू आमदी मंडल अध्यक्ष मुरारी ज्ञानी रामटेके ने भी सभा को संबोधित किया।

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