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प्रकृति परीक्षण बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है – डॉ दिनेश नाग

बी सी एस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुआ देश का प्रकृति परीक्षण अभियान पर कार्यशाला

धमतरी। बीसीएस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धमतरी के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार पाठक के मार्गदर्शन एवं आकांक्षा मरकाम कार्यक्रम अधिकारी एनएसएस के निर्देशन में देश का प्रकृति परीक्षण अभियान पर कार्यशाला 24 दिसम्बर को आयोजित की गई। इसका उद्देश्य वात, पित्त और कफ दोषों के आयुर्वेदिक सिद्धांतों के आधार पर किसी व्यक्ति के शारीरिक प्रकृति की पहचान करने पर केंद्रित है। यह ज्ञान व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य और बीमारी की रोकथाम के लिए अपनी जीवनशैली, आहार और व्यायाम दिनचर्या को अनुकूलित करने में सक्षम बनायेगा। इस अभियान से अवगत करवाते हुये डा दिनेश कुमार नाग आयुर्वेद चिकित्सक जिला धमतरी ने उद्बोधित किया कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक स्वास्थ्य पद्धतियों के साथ एकीकृत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिससे आयुर्वेद को निवारक स्वास्थ्य सेवा का आधार बनाया जा सके। नागरिकों को सक्रिय रूप से भाग लेने और बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। प्राचार्य डॉक्टर विनोद कुमार पाठक ने कहा कि आयुर्वेद भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी चिकित्सा पद्धति है। प्रत्येक व्यक्ति जो प्रकृति परीक्षण में भाग लेता है और व्यक्तिगत स्वास्थ्य दृष्टिकोण अपनाता है, एक स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दे रहा है।

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