Uncategorized

हनुमान जी बल बुद्धि के देवता एवं प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त थे — कविता योगेश बाबर

बिरेतरा में निषाद समाज द्वारा धूमधाम से मनायी गई हनुमान जन्मोत्सव


धमतरी। ढीमर समाज के तत्वाधान में राम जन्मोत्सव एवं हनुमान जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया कार्यक्रम में अतिथि के रूप में कविता योगेश बाबर उपस्थित हुई। प्रभु श्रीराम एवं हनुमान के तैल चित्र पर पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। श्रीमति बाबर ने समस्त ग्रामवासियों को राम जन्मोत्सव एवं हनुमान जयंती की बधाई देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम को यदि पाना है तो हनुमान जी की भक्ति करनी पड़ेगी प्रभु श्रीराम तक पहुँचने का मार्ग हनुमान जी के द्वारा प्राप्त होता है हनुमान जी ने अपने जीवनकाल में प्रभु श्रीराम की अनन्य भक्ति करते हुए व्यतीत किया उन्होंने आगे कहा कि प्रभु श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से जाने जाते हैं जो की एक राजा होते हुए भी अपना जीवन का बहुत सा समय अपने पिता के वचन पालन करने के लिए वन में व्यतीत किया तभी वह मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए आज के वर्तमान समय मे मानव समाज को उनके जीवन चरित्र से शिक्षा लेनी चाहिए हम उनके जैसा जीवन जी तो नहीं सकते लेकिन उनके बताए हुए और दिखाएँ हुए मार्गों पर चलने की कोशिश ज़रूर करनी चाहिए। इस अवसर पर ग्राम के सरपंच धनेश्वरी भारत ध्रुव, गोविंद साहू पूर्व सभापति चिरौंजी हिरवानी जागेश्वर कोशरिया मुन्ना पटेल नरेंद्र साहू उत्तम साहू सर्जा साहू समस्त पंच एवं ढीमर समाज के सभी सदस्य उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!