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रायगढ़ में आधी रात बड़ा हादसा, लैंडस्लाइड के बाद मलबे में दबे 50 परिवार; 5 की मौत, 21 को सुरक्षित निकाला…

Latest National News : रायगढ़. महाराष्ट्र में हो रही भारी बारिश के बीच यह हादसा हुआ। जानकारी के मुताबिक एनडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं। हालांकि हादसा इतना बड़ा है कि जिला प्रशासन ने एनजीओ से भी मदद मांगी है। यह भूस्खलन नवी मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाले मोरबे बांध से लगभग 6 किमी दूरी पर स्थित बस्ती में हुआ।

गांव इरशालवाड़ी में भारी भूस्खलन से 60 घर मिट्टी में दब गए. हादसे के बाद 21 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, वहीं 5 लोगों के मौत की खबर है. अभी भी इन घरों में सैकड़ों लोगों के दबे होने की आशंका है. राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ की टीम जुटी हुई है. घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मौके पर पहुंच गए हैं.

रायगढ़ के डीएम योगेश म्हासे ने कहा कि घटना आधी रात हुई और 60 घर भूस्खलन की चपेट में आए हैं. बताया जा रहा है कि बस्ती का 90 फीसदी हिस्सा मलबे में दब गया है. उन्होंने कहा कि इस इलाके में राहत-बचाव के काम में बेहद मुश्किल आ रही है. मौके पर पहुंचने के लिए काफी चढ़ाई करनी पड़ती है.

बता दें कि मौसम विभाग ने आज भी मुंबई में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है. इसके अलावा महाराष्ट्र के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में कम से कम सात दिनों तक बारिश जारी रहेगी. रायगढ़ जिले में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बारिश के बीच राहत-बचाव के काम में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

रायगढ़ के एसपी सोमनाथ घारगे ने कहा कि पनवेल और नवी मुंबई के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है ताकि घायलों का तुरंत इलाज करवाया जा सके। कोंकण डिविजनल कमिश्नर महेंद्र कल्याणकर ने कहा कि एनडीआरएफ की दो टीमों को तत्काल भेजा गया लेकिन राहत बचाव का काम मुश्किल हो रहा है। इस इलाके में भारी बारिश भी हो रही है।

दो वरिष्ठ अधिकारियों को राहत बचाव और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए स्पेशल ड्यूटी पर तैनात किया गया है। चार एंबुलेंस ग्रामीण स्वास्थ्य इकाई के लिए तैनात की गई हैं। एक अधिकारी का दावा है कि इस बस्ती में लगभग 50 परिवार रहते थे।

रायगढ़ के डीएम योगेश म्हासे ने कहा कि घटना आधी रात हुई और 60 घर भूस्खलन की चपेट में आए हैं। बताया जा रहा है कि बस्ती का 90 फीसदी हिस्सा मलबे में दब गया है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में राहत-बचाव के काम में बेहद मुश्किल आ रही है। मौके पर पहुंचने के लिए काफी चढ़ाई करनी पड़ती है।

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