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आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम के 139 वें जन्मोत्सव पर 41 दिवसीय चालीहा महोत्सव का हुआ शुभारम्भ

धमतरी। स्वामी टेऊँरामनगर धमतरी में स्थित श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में आज गुणनिधान सर्व गुणों के स्वामी श्री प्रेम प्रकाश मण्डल के आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के 139 वें जन्मोत्सव के सुअवसर पर 41 दिवसीय चालीहा महोत्सव का प्रारम्भ हुआ आज प्रथम दिवस बड़े ही उमंग उत्साह के साथ गुरु भक्तों द्वारा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर धूमधाम से नाचते गाते हुए अनुपम खुशी प्राप्त की. प्रथम दिवस पर श्री प्रेम प्रकाश मण्डल के अध्यक्ष सद्गुरु स्वामी भगत प्रकाश महाराज जी ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान जिसमें धमतरी के सन्त लोकेश जी भी साथ में गए हैं जकार्ता से गुरु भक्तों के लिए सन्देश भेजा कि आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज निर्मानता निष्कामता निर्लिप्तता निर्भीकता नि:संगता निर्वैरता जैसे अनेक गुणों से सम्पन्न सादगी एवं सरलता के धनी परिपूर्ण ज्ञान के स्वरूप हैं जो सभी सुखों के धाम हैं उनको प्रणाम है. धमतरी में 9.30 बजे से 10.30 बजे तक चालीहा महोत्सव के कार्यक्रम में सत्संग के दौरान रायपुर के ओमप्रकाश द्वारा भजन गाकर प्रेमियों को मंत्र मुग्ध किया. जिसकी रचना महान कवि हेमन्त शास्त्री ने की है.इस भजन में आचार्य जी की जीवनी को बहुत सुंदर शब्दों में पिरोया है इस भजन में आचार्य जी के लिए बताया गया है कि सिंध प्रदेश में सिन्धु नदी के तट पर स्थित सिंधी समाज के चेलाराम एवं माता कृष्णा के घर ईश्वर के नित अवतारी स्वरूप में अवतरण लिया. सिंध के संतों में शोभायमान संतो के सरताज हैं विशुद्ध सच्चे सन्त हैं.सत् नाम साक्षी सिद्ध मंत्र का सिन्ध-हिन्द में ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में प्रचार किया एवं प्रेम एवं भक्ति का प्रचार करने हेतु प्रेम प्रकाश मण्डल की स्थापना की एवं सदैव सनातन धर्म का झण्डा हर गांव हर शहर में लहराया.उनके दरबार में जो भी प्रेमी आते हैं उनकी सारी मुरादें पूरी होती हैं जो भी आपने दरवाजे पर आता है वह कभी वापस निराश – खाली नहीं जाता खुशियों से झोली भरकर ही जाता है,इस भजन के पश्चात् उपस्थित सभी भक्तों ने मिलकर एक साथ स्वामी टेऊँराम चालीसा का पाठ किया गया एवं गुरुबाबा की आरती कर उन्हें पखर पाकर खुशियों के गीत गाकर नाचकर आनंद प्राप्त किया एवं प्रसाद वितरण किया गया.प्रेमियों के लिए गर्मी के अनुसार शरबत एवं कुल्फी का भी वितरण हुआ.

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