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स्वामी टेऊॅंराम जी महाराज के चालीहा महोत्सव के दूसरे दिन श्री प्रेम प्रकाश आश्रम में हुआ भजन कीर्तन, किया गया चालीसा का पाठ

परम पूज्य आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊॅंराम जी महाराज के चालीहा महोत्सव के दूसरे दिन श्री प्रेम प्रकाश आश्रम धमतरी पर रात्रि 9.30 बजे से 10.30 बजे तक भजन कीर्तन के पश्चात् सभी प्रेमियों ने मिलकर स्वामी टेऊॅंराम चालीसा का पाठ किया. स्वामी टेऊॅंराम जी महाराज का परिचय चालीसा के प्रथम एवं द्वितीय दोहे से ही हो जाता है.चालीसा पाठ की प्रथम पंक्ति के अनुसार हरि हर ब्रह्म माने भगवान विष्णु ,जगत के पालनहार , भगवान शंकर भोलेनाथ बाबा एवं सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ईश्वर के इन तीनों रूपों को त्रिदेव के नाम से जाना जाता है ये त्रिदेव ही आचार्य श्री स्वामी टेऊॅंराम जी महाराज के रूप में जगत के कल्याण के लिए इस पावन धरा पर अवतार लेकर आए. जब मरुस्थल में पृथ्वी, सूर्य के प्रचण्ड ताप से बहुत ज्यादा तपती है उस समय पृथ्वी पर रहने वाले जीव ताप सहन नहीं कर पाते है तब आकाश में ईश्वर मेघ माने बादल के रूप में आच्छादित होकर प्रचण्ड ताप से जीवों को त्रस्त करने वाले सूर्यदेव को ही ढक देते हैं साथ ही पवित्र जल बरसाकर जीवों को राहत प्रदान करते हैं वैसे ही जब संसार में काल का दुस्तर चक्र चलता है अधर्म बढ़ता है नर एवं नारी दोनों अपने धर्म कर्म से विमुख होकर पाप कर्म की वृत्ति अपनाते है पाप कर्म के कारण जीव दुःखी होते हैं मनुष्य अपने जीवन के परम लक्ष्य परमानंद को प्राप्त करने को भूल जाते है एवं माया के वशीभूत होकर भोगों व्यसनों में पड़कर रोगों को प्राप्त कर जीव दुःखी होते हैं तो उनके दुःख को ईश्वर से देखा नहीं जाता है तब वे संतों के रूप में पृथ्वी पर अवतार लेते हैं यह बात भगवद्गीता में श्री कृष्ण भगवान ने अर्जुन से भी कही है. ईश्वर अपनी प्रतिज्ञा जब भी पृथ्वी पर पाप बढ़ेगा, अधर्म के कारण जीव दुःखी होंगे तब वे अवतार लेंगे उसी प्रतिज्ञा को पूरा करने हेतु आज से 139 वर्ष पूर्व सिंध प्रदेश के खण्डू ग्राम के माता कृष्णा देवी पिता चेलाराम जी के घर स्वामी टेऊॅंराम के रूप में अवतरित हुए स्वामी जी ने अपने जीवन में तो जीवों का कल्याण किया ही सत्य धर्म की राह बताई तत्पश्चात आज तक निरन्तर 84 वर्षों से आपके पीठाधीश्वर पूज्य गुरुजनों के द्वारा यह महान कार्य निर्बाध गति से किया जा रहा है.धमतरी नगर का भी सौभाग्य है कि ऐसे महान गुरुजनों ने अपनी कृपा दृष्टि कर यहां इस आश्रम की स्थापना की जहां प्रतिदिन सत्संग द्वारा लोगों को ज्ञान का मार्ग बता कर पाप कर्म से बचाकर परोपकार आदि धर्म कर्म की ओर प्रवृत्त किया जा रहा है.

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

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