डेयरी के राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित हुए क्षेत्रीय सहकारिता नेता दयाराम साहू
कृषि के पर्याय के रूप में दुग्ध व्यवसाय किसानों के जीवन को बना सकता है आर्थिक रूप से सशक्त समर्थ एवं आत्मनिर्भर -:दयाराम साहू

धमतरी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा जीडीपी रेट को ऊपर उठने के लिए दुग्ध व्यवसाय को सहकारिता के माध्यम से समृद्ध किए जाने हेतु राष्ट्रीय डेरी अधिवेशन 24 एवं 25 मई को गुजरात के आनंद में आयोजित की गई जिसमें सहकारिता क्षेत्र के जुड़े हुए विशेषज्ञ सहित राष्ट्रीय स्तर के सहकारिता जनप्रतिनिधि तथा अपने विचार व्यक्त करते हुए चिंतन मनन किया इस आयोजन में प्रदेश की ओर से सहकारिता के पूर्व डायरेक्टर तथा सहकार भारती के प्रदेश प्रवक्ता दयाराम साहू अपनी टीम के साथ भाग लेते हुए पशुपालन तथा दुग्ध व्यवसाय में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बताते हुए वर्तमान में प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगवानी में पशु विभाग द्वारा बस्तर से जो गोधन वितरण करने का पवित्र कार्य का शुभारंभ किया गया है उसे निश्चित ही डेयरी को व्यवसाय के रूप में आम आदमी के जीवन का आर्थिक आधार बनाने का एक साहसिक, सक्षम एवं सफल कदम के रूप में चिन्ना अंकित किया जा सकता है जिससे किसान आर्थिक रूप से सुदृढ़ होकर आत्मनिर्भरता की दिशा में उन्नतशील हो जाएगा। श्री साहू ने आगे कहा है कि कृषि के साथ ही साथ पशुपालन का बहुत ही गहरा संबंध होते हुए एक दूसरे के पर्याय के रूप में किसानी में उपयोगपुरातन काल से चला रहा है जिसे फिर से पुनस्र्थापित करते हुए कृषि उत्पादों के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ाकर कृषि के क्षेत्र को समृद्ध व सशक्त बनाया जा सकता है। गौरतलब है कि उक्त आयोजन के शुभारंभ गुजरात के सहकारिता मंत्री जगदीश विश्वकर्मा द्वारा प्रथम सत्र में किया गया दो दिन तक चलने वाले इस अधिवेशन में केंद्रीय मंत्री सहित नाम चिन हस्तियों का मार्गदर्शन प्राप्त होते हुए राष्ट्रीय स्तर पर डेयरी व्यवसाय को दुग्ध क्रांति के रूप में आगे बढऩे का संकल्प के साथ निर्णय लिया जाएगा इस आयोजन में दयाराम साहू के साथ योगेश साहू, मोतीलाल कुंभकार, निरंजन साहू, काशीराम साहू, रामाधार साहू, तिजिया कुंभकार, शामिल हुए हैं।


