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परखंदा के 12 खिलाड़ी करेंगे राज्य का नेतृत्व

राष्ट्रीय सब जूनियर नेटबॉल चैम्पियनशिप के लिए हुआ चयन


मूलचंद सिन्हा
कुरुद। छत्तीसगढ़ की धरती ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा कहीं से भी जन्म ले सकती है। धमतरी जिले के कुरुद ब्लॉक अंतर्गत छोटे से गांव परखंदा के 12 होनहार खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और जुनून के दम पर वो कर दिखाया है, जो किसी सपने से कम नहीं। राष्ट्रीय सब-जूनियर नेटबॉल चैंपियनशिप 2025 में चयनित होकर ये खिलाड़ी अब 25 से 31 मई तक इंदौर मध्य प्रदेश की धरती पर छत्तीसगढ़ का परचम लहराएंगे। इन खिलाडिय़ों की यह उड़ान न सिर्फ परखंदा गांव के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बन गई है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि छोटे गांवों से भी बड़ी कामयाबी की कहानियाँ निकलती हैं। हाल ही में जांजगीर-चांपा में आयोजित 5वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर नेटबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की 14 बालक व 12 बालिका जिला टीमों के बीच हुए संघर्ष में धमतरी जिले की बालक टीम ने कांस्य पदक और बालिका टीम ने रजत पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी के परिणामस्वरूप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परखंदा के कुल 12 खिलाडिय़ों का चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु हुआ है, इनमें कु. तृप्ति साहू, तृषा साहू, सिद्धि साहू, धनेश्वरी साहू, जानवी निषाद, कोमल देवांगन, अनन्या यादव, तृष्णा निषाद, मानव कुमार सोनकर, कृष्णा निषाद, दामोदर, टोमेन्द्र कुमार शामिल है। इन सभी खिलाडिय़ों को कोच लीलेश्वरी साहू निषाद, रेखा निर्मलकर बालिका टीम और नंद कुमार साहू बालक टीम द्वारा प्रशिक्षित किया गया। इस उपलब्धि पर पूर्व मंत्री व कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने परखंदा के खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। परखंदा के इन 12 खिलाडिय़ों ने न केवल अपने गांव और जिले का बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। यह सिर्फ खेल की जीत नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की कहानी है। मुझे विश्वास है कि ये बच्चे इंदौर में भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराएंगे और छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करेंगे। इस उपलब्धि को लेकर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। शाला विकास समिति अध्यक्ष तारा गिरेंद्र साहू, ग्राम सरपंच माधुरी मोहित साहू, डिप्टी कलेक्टर व जिला खेल अधिकारी पीयूष तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी टीआर जगदल्ले, विकास खंड शिक्षा अधिकारी चंद्र कुमार साहू, संस्था प्राचार्य रविंद्र कुमार साहू, जिला क्रीड़ा अधिकारी हरीश देवांगन और खेल प्रभारी जगतपति देव साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों व ग्रामीणों ने बधाई दी। कुरुद के परखंदा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना यह दर्शाता है कि जब प्रतिभा को उचित मार्गदर्शन, मंच और मनोबल मिले, तो गांव की गलियों से निकलकर भी भारत को गौरव दिलाया जा सकता है। खेल प्रशिक्षक गोपाल साहू ने सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के बावजूद वर्षों से खेल प्रतिभाओं को तराशा, प्रोत्साहित किया और उन्हें अनुशासन, परिश्रम व आत्मविश्वास के मूलमंत्र दिए।

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