निषाद समाज का भारतीय संस्कृति और रामायण काल में महत्वपूर्ण योगदान रहा है-अरुण सार्वा
निषाद राज जयंती पर रामचरित मानस का आयोजन, समाज की ऐतिहासिक भूमिका को किया गया स्मरण

मगरलोड। डूमरपाली निषाद समाज द्वारा 22 जनवरी को श्री रामचन्द्र गुहा, निषाद राज जयंती के अवसर पर रामचरित मानस पाठ का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम निषाद समाज के सामाजिक एवं धार्मिक एकता का प्रतीक रहा। उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी को समस्त निषाद समाज निषाद राज जयंती मनाता है, क्योंकि इसी तिथि को दो वर्ष पूर्व अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेघनाथ निषाद एवं पीताम्बर निषाद ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति टीकाराम कंवर, जनपद पंचायत मगरलोड अध्यक्ष बीरेंद्र साहू, भाजपा मंडल अध्यक्ष मगरलोड रोहित मोहन साहू, जनपद पंचायत सभापति तिलोत्तमा साहू, उपसरपंच टोमन लाल साहू, पुसउ राम यादव, प्रेमानंद साहू, दयालु राम पटेल, देवकी बाई पटेल, कामनी बाई पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने अपने संबोधन में कहा कि निषाद समाज का भारतीय संस्कृति और रामायण काल में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। निषाद राज ने ही प्रभु श्रीराम को गंगा पार कराकर सेवा और समर्पण की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की थी। उन्होंने समाज के लोगों से अपनी संस्कृति, परंपरा और इतिहास को संजोकर रखने का आह्वान किया।
