विद्यालय बंद करने, शिक्षक भर्ती में वादा-खिलाफी और शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ एनएसयूआई का विरोध प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट परिसर में साय सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर सौंपा ज्ञापन

धमतरी – भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन धमतरी द्वारा जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रदेश सरकार द्वारा लिए जा रहे जनविरोधी एवं शिक्षाविरोधी निर्णयों का विरोध करते हुए 5 प्रमुख मांगें रखी गईं.जिनमे युक्तियुक्तकरण के नाम पर 10,000 से अधिक विद्यालयों को बंद करना और 35,000 शिक्षकों के पद समाप्त करने की योजना। विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किए गए 57,000 शिक्षकों की भर्ती में अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं होना,आत्मानंद विद्यालयों को बजट नहीं मिलने के कारण संचालन में आ रही समस्याएं,शासकीय स्कूलों को बिजली विभाग द्वारा नोटिस भेजे जाने की प्रशासनिक असंवेदनशीलता,सीजी टेट परीक्षा परिणाम में देरी, जिससे हजारों युवा मानसिक, आर्थिक व सामाजिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं शामिल रहा.एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा हम विरोध नहीं कर रहे, हम सरकार से सवाल पूछ रहे हैं क्या शिक्षा का अधिकार अब खोखला वादा बन गया है? क्या स्कूल बंद करके शराब दुकानें खोलना ही नई नीति है?.श्री देवांगन ने मांग की है कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को तुरंत स्थगित कर बंद स्कूलों को पुनः खोला जाए.शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ किया जाए. आत्मानंद स्कूलों को पर्याप्त बजट दिया जाए।बिजली विभाग द्वारा स्कूलों को भेजे गए नोटिस वापस लिए जाएं.सीजी टेट परीक्षा परिणाम तुरंत जारी किया जाए। एनएसयूआई ने यह स्पष्ट किया कि अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो 01 जून से 18 जून तक शिक्षा बचाओ अभियान नाम से चरणबद्ध आंदोलन पूरे जिले में चलाया जाएगा, जिसकी रूपरेखा प्रेस वार्ता में घोषित की गयी थीं.इस दौरान पारसमणि साहू ,नमन बंजारे ,तेजप्रताप साहू ,लक्की निर्मलकर ,उमेश साहू ,सुदीप सिन्हा ,शुभम साहू ,तेजप्रकाश साहू ,देवेंद्र सिन्हा उपस्थित रहे.