एक बार फिर दंतैल हाथी की जिले में दस्तक, दर्जनभर से अधिक गांवों में अलर्ट
डूबान के मोंगरागहन से होते हुए पहुंचा उत्तर सिंगपुर रेंज, निगरानी में जुटा वन विभाग

धमतरी । पिछले सात से आठ वर्षों से दंतैल हाथियों की आवाजाही धमतरी जिले के जंगलों में हो रही है। हाथियों के दल ने फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही कई लोगों को कुचलकर मौत के घाट भी उतारा है। पिछले कुछ समय से हाथियों के धमतरी जिले के जंगलों से नदारद होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन एक बार फिर एक दंतैल हाथी जिले के भीतर प्रवेश कर गया है। धमतरी जिले के जंगल में सबसे पहले प्रवेश करने वाली चंदा हाथी करीब 6 साल पहले लगभग 18 हाथियों के झुंड के साथ वापस लौटी थी, उसी दल का एक हाथी गंगरेल डूबान क्षेत्र के मोंगरागहन से होते हुए केरेगांव रेंज के जंगल को पार कर मगरलोड क्षेत्र के उत्तर सिंगपुर इलाके में पहुंच गया है। क्षेत्र में हाथी का पदचिन्ह देखे जाने के बाद आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। दंतैल हाथी की मौजूदगी को देखते हुए ग्राम बोदलबाहरा, कुसुमखुटा, जामली, मोहंदी, बेलोरा, सोनपैरी, पेण्ड्रा, बिरझुली, आलेखुंटा, मुलगांव, बनियातोरा, मगरलोड, मड़ेली, बकोरी आदि गांवों में अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने रात्रि में सफर नहीं करने के साथ ही सतर्क व सुरक्षित रहकर एक दूसरे को सचेत करने और हाथी दिखने पर नजदीकी वन कर्मचारी को सूचना देने अपील की गई है।
