Uncategorized

राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की जनजातीय संस्कृति, सरल स्वभाव एवं अन्य पर्यटन खूबियां है-नीलू शर्मा

कोलकाता में आयोजित ट्रेवल एंड टूरिज्म फेयर कार्यक्रम में शामिल हुए छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा

कहा, प्रदेश में पर्यटन को दिया गया है उधोग का दर्जा देश विदेश के पर्यटकों को किया छग आने का आमंत्रण

कोलकाता में10–12 जुलाई तक हेतु ट्रेवल एंड टूरिज्म फेयर कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा शामिल हुए.नीलू शर्मा ने कहा कि जम्मू – कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला,विधायक एवं सिक्किम विधान सभा की उपाध्यक्ष श्रीमती राजकुमारी थापा
मुख्यमंत्री सलाहकार नासिर असलम वानी,थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सुश्री श्रीपोन तांतिपन्याथेप एसीटी,एसोसिएशन ऑफ़ कांजेर्वेशन एंड टूरिम्स के संयोजक राज बसु टीटीएफ आयोजन समिति के सभी सदस्यगण एवं मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथिगण, टूरिज्म प्रतिनिधि, ट्रैवल एजेंट्स, मीडिया बंधु एवं अन्य सभी आमंत्रितजनो का मैं छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की ओर से हार्दिक अभिनंदन करता हूं और इस गरिमामय अवसर में आमंत्रण हेतु आयोजकों का आभार प्रकट करता हूं।सबसे पहले मैं ट्रेव्हल एण्ड टूरिज्म फेयर आयोजन टीम का हृदय से धन्यवाद करता हूं कि आपने हमें इस गरिमामय आयोजन में आमंत्रित किया। यह हमारे लिए गौरव की बात है कि, पश्चिम भारत के इस पर्यटन पर आधारित आयोजन में सम्मिलित होकर छत्तीसगढ़ की पर्यटन खूबियों एवं संभावनाओं को साझा करने का अवसर हमारी छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की टीम को प्रदाय किया गया है। यह आयोजन भारत के समस्त प्रदेशों के पर्यटन खूबियों को एक दूसरे प्रदेशों से साझा करने तथा अपने पर्यटन उद्योग को बढ़ाने में एक बेहतर अवसर प्रदाय करता है।
हमारा राज्य छत्तीसगढ़, जो प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक धरोहर और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध है, यहां प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, वेलनेस सभी प्रकार के पर्यटन एवं पर्यटक सुविधायें विद्द्मान है। छत्तीसगढ़ को आज भी अनदेखा भारत कहा जाता है, और यही इसकी सबसे बड़ी शक्ति भी है-भीड़ से दूर, शुद्ध और प्रामाणिक अनुभव। राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश की पहचान यहां की जनजातीय संस्कृति, सरल स्वभाव एवं अन्य पर्यटन खूबियां है।हमारे प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का नियाग्रा कहा जाता है, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जहां आपको गुफाएँ, जैव विविधता और शांतिपूर्ण वातावरण मिलेगा, बस्तर का ही आदिवासी बाहुल्य गांव ढूढमारास एक ऐसा पर्यटक ग्राम है, जो ग्रामीण एडवेंचर कैटेगेरी में भारत सरकार द्वारा पुरे भारत में एकलौता चुना गया है एवं दूर-दूर से पर्यटक इस स्थान को करीब से महसूस करने आ रहे है और अनेक पर्यटक आने इच्छुक है। ऐसा ही ऐतिहासिक पर्यटन स्थल सिरपुर, जहां बौद्ध, जैन और हिंदू सभ्यता का संगम है, और यहां अनेक ऐतिहासिक स्थल मौजूद है। ऐसे ही धार्मिक पर्यटन स्थलों में भोरमदेव मंदिर, शक्तिपीठ देवियों के मंदिर विद्द्मान है। डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर, दंतेवाड़ा स्थित माँ दंतेवाड़ा मंदिर, बिलासपुर स्थित माँ महामाया मंदिर, सुरजपुर में स्थित माँ कुदरगढ़ी मंदिर और चंद्रपुर में स्थित माँ चन्द्रहासिनी मंदिर आदि दर्शनीय स्थल है। पर्यटकों हेतु छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सर्वसुविधा युक्त पर्यटक रिसॉर्ट बनाये गये है।
हमने हाल के वर्षों में टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर, होमस्टे योजनाएं, ट्राइबल टूरिज्म और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल शुरू किये है। छत्तीसगढ़ पर्यटन को आज उद्योग का दर्जा भी प्रदाय किया जा चुका है। हमारा उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सतत विकास का माध्यम बनाना है।मैं इस आयोजन में उपस्थित पश्चिम बंगाल के सभी टूर ऑपरेटर्स, ट्रेव्हल एजेंट्स बंधुओं से अनुरोध करता हूं कि वे अपने ग्राहकों को सेल करने वाले पर्यटन भ्रमण पैकेज में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को शामिल करें। और सर्वप्रथम स्वयं छत्तीसगढ़ आकर छत्तीसगढ़ के पर्यटन खूबियों, यहां के रिसॉर्ट में प्रदाय सुविधाओं आदि से अवगत हों एवं अधिक से अधिक टूर ऑपरेटर्स, एजेंन्ट्स छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के साथ रजिस्टर्ड होवें। मैं आस्वस्त करता हूँ कि आपको एवं आपके पर्यटको को छत्तीसगढ़ का पर्यटन बहुत ही पंसद आयेगा। तथा हमारी टीम पर्यटको को बेहतर से बेहतर सर्विस प्रदाय करने प्रयासरत होंगे तथा आपके द्वारा प्रदाय सुझावों से भी हम और बेहतर सुविधा प्रदाय करने में और अधिक सक्षम होंगे। हमारे द्वारा आपके एवं पर्यटको के सुविधाओं के लिये कोलकाता में भी छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का सूचना केन्द्र खोला गया है। यहां कार्यरत अधिकारियों द्वारा भी आपके द्वारा भेजे जाने वाले पर्यटक ग्रुप का विशेष मॉनिटरिंग कर उचित सर्विस प्रदाय करने यथासंभव सहायता की जावेगी।छत्तीसगढ़ पर्यटन को ऊचाईयों तक ले जाने, पर्यटकों के लिऐ सुविधायें बढ़ाने तथा पर्यटन उद्योग से जुड़े हमारे सहयोगी टूर ऑपरेटर्स एजेंट्स के हर संभव सहयोग के लिये हम कटिबद्ध रहेंगे।भारत को समझने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश को जरूर जाने और छत्तीसगढ़ को जानने के लिए यहां के लिए भ्रमण की योजना बनायें तथा छत्तीसगढ़ आकर यहां के पर्यटन को करीब से अनुभव करें।

Ashish Kumar Jain

Editor In Chief Sankalp Bharat News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!