32 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल बांध में भरा 29 टीएमसी पानी
बांध में हो रही प्रतिसेंकण्ड 4955 क्यूसेक पानी की आवक, 2 गेट से छोड़ा जा रहा 6137 क्यूसेक पानी

धमतरी। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े बांध गंगरेल में अच्छी वर्षा से पर्याप्त जल भराव है। कुछ दिन पहले से ही बांध 90 प्रतिशत भर चुका है, लेकिन कैंचमेंट एरिया में बारिश कम होने से बांध में आवक घटी है वहीं जावक ज्यादा है। गंगरेल बांध में पर्याप्त जलभराव के चलते सिंचाई के लिए किसानों की मांग पर पिछले दस दिनों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बांध में कुल जलभराव 29 टीएमसी है जो कि 32.150 टीएमसी क्षमता वाले गंगरेल में कुल भराव का 90 प्रतिशत है। चूंकि कैचमेंट एरिया में बारिश हो रही है। इसलिए आवक बढऩे पर अचानक गेट खोलने की नौबत न आए इसलिए पानी का कम मात्रा में लगातार डिस्चार्ज किया जा रहा है। वैसे भी गंगरेल के 90 प्रतिशत भरने के बाद अगर और आवक होने की संभावना रहे तो पानी छोडऩा शुरु कर दिया जाता है। बता दे कि गंगरेल बांध के गेट नंबर 10, 11 से रुद्री बैराज में पानी जा रहा, वहां से फिर सिंचाई नहर में डिस्चार्ज हो रहा है। बुधवार सुबह 11 बजे की स्थिति में गंगरेल का जलस्तर 347.87 मीटर था, जो कि खतरे के निशान से 83 सेमी. दूर है। वहीं पानी की आवक 4 हजार 955 क्यूसेक हो रही थी तथा जावक 6 हजार 137 क्यूसेक थी, इसमें हेड रेगुलेटर से 300 क्यूसेक, पेन स्टाक से 1650 क्यूसेक तथा रेडियल गेट से 4 हजार 187 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। बांध की कुल क्षमता 32.150 टीएमसी में 5.071 टीएमसी को डेड स्टोरेज माना जाता है। इस लिहाज से बांध में कुल जल भराव 29 टीएमसी में से उपयोगी पानी 24.293 टीएमसी है।
पर्यटको को सभी 14 गेट खुलने का है इंतजार
बांध में 95 प्रतिशत तक भराव होने पर पूरे 14 गेट खोले जा सकते है। महानदी के किनारे रहने वाले गांवों में अलर्ट जारी किया जा चुका है। तथा अन्य जिले जो गंगरेल बांध से पानी छोडऩे पर बाढ़ से प्रभावित होते है उन्हें भी सूचित कर अलर्ट रहने कहा गया है। तीज त्यौहार के अवसर पर गंगरेल बांध में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पर्यटको को सभी 14 गेट खुलने का इंतजार है।
