क्षमायाचना पर्व पर सभी से क्षमायाचना करना है और सभी को क्षमा भी करना है – परम पूज्य प्रशम सागर जी म.सा.

धमतरी। परम पूज्य उपाध्याय प्रवर अध्यात्मयोगी महेंद्र सागर जी महाराज साहेब परम पूज्य उपाध्याय प्रवर युवामनीषी स्वाध्याय प्रेमी मनीष सागर जी महाराज साहेब के सुशिष्य परम पूज्य प्रशम सागर जी महाराज साहेब परम पूज्य योगवर्धन जी महाराज साहेब श्री पाश्र्वनाथ जिनालय इतवारी बाजार धमतरी में विराजमान है। आज परम पूज्य प्रशम सागर जी महाराज साहेब ने प्रवचन के माध्यम से फरमाया कि आज क्षमापन पर्व है। आज सांवत्सरिक प्रतिक्रमण करने से पूर्व अपने अंदर के गांठ को खोल लेना है। अर्थात आज प्रतिक्रमण से पूर्व क्षमा याचना कर लेना है और सभी को क्षमा भी कर देना है । आज पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व का अंतिम दिन है। आज के दिन भद्रबाहू स्वामी द्वारा रचित मूलसूत्र का वाँचन श्रीसंघ के समक्ष किया जाता है। यह मूल सूत्र प्राकृत भाषा में है। पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के 7 दिनों में हमने जो हिंदी में श्रवण किया। आज उसका मूलसूत्र प्राकृत भाषा में श्रवण करना है। इस सूत्र को बारसा सूत्र कहते है। बारसा सूत्र को बोहराने का लाभ श्री नवरतनमल जी मनोज जी कटारिया परिवार ने लिया। एवं पाना झेलाने का लाभ श्री रमेशचंद जी इंद्रेश जी सराफ परिवार ने लिया।
प्रवचन के बाद चैत्यपरिपाटी हुआ
आज पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन प्रवचन में पहले कल्पसूत्र के मूलपाठ का वाँचन परम पूज्य प्रशम सागर जी महाराज साहेब एवं परम पूज्य योगवर्धन जी महाराज साहेब द्वारा किया गया। उसके बाद गुरु भगवन्तों की निश्रा में पूरा श्रीसंघ चैत्यपरिपाटी हेतु गया। चेत्यपरिपाटी में अपने शहर में जितने भी जिनालय होते है उन सभी जिनालय में जाकर पूरे श्रीसंघ के साथ परमात्मा का दर्शन ,वंदन किया जाता है। श्रीसंघ ने पहले पाश्र्वनाथ जिनालय, इतवारी बाजार में परमात्मा का दर्शन वंदन किया। उसके बाद पूरा श्रीसंघ जुलूस के रूप में बालकचौक स्थित श्री आदिश्वर जिनालय पहुंचा। वहां पर भी परमात्मा का दर्शन वंदन किया हुआ। फिर उसके बाद शांति कॉलोनी स्थित अभिनंदनस्वामी जिनालय श्रीसंघ पहुंचा। वहां पर भी गुरु भगवन्तों के साथ पूरे श्रीसंघ ने परमात्मा का दर्शन वंदन का लाभ लिया।


