क्षमा मांगने वाला वीर होता है लेकिन क्षमा करने वाला महावीर होता है, हमें भी महावीर बनना है – परम पूज्य प्रशम सागर जी म.सा.
कल होगा तपस्वियों का सम्मान, श्री पाश्र्वनाथ जिनालय से निकाली जाएगी भव्य बरघोड़ा

धमतरी। परम पूज्य उपाध्याय प्रवर अध्यात्मयोगी महेंद्र सागर जी महाराज साहेब परम पूज्य उपाध्याय प्रवर युवामनीषी स्वाध्याय प्रेमी मनीष सागर जी महाराज साहेब के सुशिष्य परम पूज्य प्रशम सागर जी महाराज साहेब परम पूज्य योगवर्धन जी महाराज साहेब श्री पाश्र्वनाथ जिनालय इतवारी बाजार धमतरी में विराजमान है। आज परम पूज्य प्रशम सागर जी महाराज साहेब ने फरमाया कि कल हमने सांवत्सरिक प्रतिक्रमण किया। इसके माध्यम से हमने पिछले एक साल में हुए पाप कार्यों के लिए क्षमायाचना की। अपने मन, वचन और काया से प्रत्यक्ष या अत्यक्ष रूप से किसी का दिल दुखाया हो तो उसके लिए अंतर्मन से क्षमायाचना करना है ताकि उस कर्मों का बंध न हो सके। उससे छुटकारा मिल सके। अंतर्मन को कर्मों से हल्का करने के लिए ये क्षमायाचना का पर्व आता है। अपने अंदर से प्राणी मात्र के लिए जो भी कदाचरण हुआ हो उसके लिए क्षमायाचना करना है। और साथ ही सभी को क्षमा भी करना है। क्योंकि क्षमा मांगने वाला वीर होता है लेकिन क्षमा करने वाला महावीर होता है। हमें भी महावीर बनना है। जिसशासन में ही ऐसी व्यवस्था है कि हम अपने साल भर में किए पाप कार्यों के लिए क्षमायाचना कर सकते है। आज हमें सबसे पहले 84 लाख जीवों से क्षमा याचना करना है। हमने बाहर की सफाई बहुत कर ली। अब अपने अंदर की अर्थात आत्मा की सफाई करना है। ताकि आत्मा शुद्ध होकर मुक्त हो सके। जीवन से कषाय निकाल दिया जाए तो आत्मा में आनंद आ जाता है। इसीलिए आज ये सामूहिक क्षमायाचना का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। हमें प्रयास करना है कि हमारा क्षमायाचना हमारे अंतर्मन से हो। जब हम अंतर्मन से क्षमायाचना करेंगे तो हमारी आत्मा पतन से बच पाएगी। जब हमारा अंतर्मन सुखी होगा तभी आत्मा भी अनंत सुख को प्राप्त करने के योग्य बन पाएगी। हमने अपने शरीर को सुख पहुंचाने का हमने जीवन भर प्रयास किया है। अब प्रयास करना है कि आत्मा को सुख प्राप्त हो सके। साथ ही सभी तपस्वियों का सामूहिक पारणा धनकेशरी मंगलभवन में श्री रतनलाल जी विनोद कुमार जी संचेती परिवार द्वारा रखा गया था । एवं कार्यक्रम के मध्य अल्पाहार श्री शांतिलाल भाई दीपचंद भाई खिलोसिया परिवार द्वारा रखा गया था।
कल तपस्वियों का श्रीसंघ की ओर से सम्मान प्रात: 09 बजे होगा। श्री पाश्र्वनाथ जिनालय में एवं भव्य बरघोड़ा प्रात: 10 बजे श्री पाश्र्वनाथ जिनालय इतवारी बाजार से श्री आदिश्वर जिनालय बालक चौक आयेगी। उसके बाद श्री धनकेशरी मंगलभवन में बरडिया परिवार धमतरी द्वारा स्वधर्मी वात्सल्य का कार्यक्रम रखा गया है।



