नवरात्र की तैयारियों को लेकर अंगारमोती ट्रस्ट की हुई बैठक, लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय

धमतरी। रविवार दोपहर 1 बजे स्व. माधव सिंह ध्रुव सभागार में आदिशक्ति मां अंगारमोती ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें पदाधिकारियों और सदस्यों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक में निर्णय लिया गया कि नवरात्र पर्व के सुचारू संचालन के लिए कुल 17 समितियां गठित की गई हैं। इनमें प्रशासनिक एवं स्वागत समिति, क्रय समिति, देव समिति, ज्योति कक्ष समिति, भोजन व्यवस्था समिति, टेंट-लाइट समिति, रसीद समिति, सेवा समिति, कैश रजिस्टर, भंडार व्यवस्था, पेयजल एवं स्वच्छता समिति, श्रृंगार सामग्री समिति, पुजारी समिति, नवकन्या भोज समिति, मंच संचालन समिति, माता दरबार प्रवेश-निकासी समिति तथा सुरक्षा व पार्किंग एवं देखरेख समिति शामिल है और प्रत्येक समिति में न्यूनतम 5- सदस्य बनाएं गए है। ट्रस्ट ने इस बार युवा प्रभाग गोंड समाज के युवक-युवतियों को बड़ी जिम्मेदारियां दी हैं। 100 से अधिक युवा पारंपरिक वेशभूषा में माता दरबार, ज्योति कक्ष, सुरक्षा, भोजन व पार्किंग व्यवस्था आदि में सेवा देंगे। ट्रस्ट द्वारा महिलाओं के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था की जाएगी। यहां गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए आराम और ठहरने की सुविधा उपलब्ध होगी। इस बैठक में आदिवासी ध्रुव गोंड समाज के जिलाध्यक्ष माधव सिंह ठाकुर, कोमल सिंह, हेमलाल ठाकुर, शिवचरण नेताम, नंदा ध्रुव, ओंकार सिंह नेताम, ढालूराम ध्रुव, गणेश्वर ध्रुव, उदय नेताम, डॉ.ए.आर.ठाकुर, राधेश्याम नेताम, देवानंद नेताम, गीता नेताम, ठाकुर राम नेताम, अनिता ध्रुव, नारायण सिंह ध्रुव, नरोत्तम सिंह उईके, आनंद राम नेताम, मनराखन ठाकुर, भगत उईके, शत्रुघन लाल नेताम, तुकाराम मरकाम, शशि ध्रुव, जयपाल सिंह ध्रुव, हुलार सिंह कोर्राम, अर्जुन कोर्राम, मानसिंह मरकाम, रामेश्वर मरकाम, तिजेन्द्र कुंजाम, हेमंत ध्रुव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
नवरात्र स्थापना एवं पूजन कार्यक्रम 22 सितम्बर से
पुजारी ईश्वर नेताम ने जानकारी दी कि 22 सितम्बर की शाम को ज्योत प्रज्ज्वलन एवं स्थापना होगी। 26 सितम्बर को पंचमी पर माता का विशेष श्रृंगार होगा। वहीं 29 सितम्बर को शाम 4 बजे हवन पूजन का आयोजन किया जाएगा। अष्टमी के दिन प्रशासनिक समिति के मार्गदर्शन और दानदाताओं के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन होगा। देर शाम हवन-पूजन के बाद हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे, जो देर रात तक चलेगा।
