दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है- पं. राजेश शर्मा
श्री शर्मा ने ईश्वर से कामना, यह दिवाली सभी क़े जीवन मे सुख शांति समृद्धि और खुशियां लेकर आये

अब दीपावली के दीपों में धर्म और भारत के गौरव का भी उजाला : पं. राजेश शर्मा
धमतरी। समाजसेवी एवं भाजपा नेता पं. राजेश शर्मा ने कहा कि वर्ष 2025 की दीपावली विशेष महत्व रखती है। अयोध्या में भगवान श्रीराम लला के पुनः विराजमान हुए दो वर्ष पूर्ण होने का उत्साह इस दीपोत्सव की आभा को कई गुना बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का शताब्दी वर्ष भी है, जो राष्ट्र गौरव, समाज चेतना और विश्व में भारत के सर्वोत्तम स्थान के संकल्प का प्रतीक है। संघ का शताब्दी वर्ष राष्ट्र निर्माण की तपस्या को और सुदृढ़ कर रहा है। पं. शर्मा ने कहा कि अब दीपावली के दीप केवल घरों में ही नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और राष्ट्र गौरव के उजाले के रूप में पूरे भारत को आलोकित कर रहे हैं.सभी के सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की है और कहा यह उत्सव शांति, एकता एवं सद्भाव का संदेश देते हैं। दीपावली भारत का सनातन धर्म की परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है।
पंडित राजेश शर्मा ने आगे कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या आगमन और रामराज की स्मृति का स्वरूप आज से हजारों वर्ष पहले पूरे भारतखण्ड में दीपमालाओं द्वारा अपने-अपने घरों में सजाकर इस महोत्सव को मनाना शुरू किया गया था। दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है. श्री शर्मा ने ईश्वर से कामना की है कि इस दिवाली सभी क़े जीवन मे सुख शांति समृद्धि और खुशियां लेकर आये. जिला राज्य व देश निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता रहे.
