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बढ़ता जा रहा तेन्दुआ का खतरा : जिले में हो सकते है 100 से अधिक तेन्दुआ, जानवरों के साथ मानव का भी कर चुके है शिकार

नगरी सिहावा वनाचंल क्षेत्रो के साथ ही गंगरेल बांध के आसपास के गांवो में बढ़ा तेन्दुआ का मूव्हमेंट

विचरण कर रहे कई तेन्दुआ, रात में बढ़ा खतरा

धमतरी। धमतरी जिला वन्य प्राणियों के रहवास हेतु अनुकूल होने के कराण यहां वन्य प्राणियो की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें तेन्दुआ भी शामिल है। जो लगातार जिले के जंगलो और कई बार रिहायशी इलाकों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहा है। हाल के दिनो में तेन्दुए की गतिविधियां ज्यादा चर्चा में है।
बता दे कि बेलरगांव के समीप ग्राम कोड़मुड़ के पहाड़ी में एक 55 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति चौथराम मंडावी का शिकार 26 मई को तेन्दुआ द्वारा किया गया। दो दिन बाद क्षत विक्षिप्त शव जंगल से बरामद हुआ। इसके पूर्व इसी इलाके में लगभग डेढ़ साल पूर्व एक बच्चें को तेन्दुआ उठा ले गया और उसकी जान ले ली थी। वहीं अब तेन्दुआ नगरी सिहावा के वनाचंल क्षेत्रो के साथ ही धमतरी शहर के आसपास के क्षेत्रो में भी नजर आने लगा है। पहले रात में नगरी सिहावा मार्ग पर यह गंगरेल के पिछले छोर के रास्तो पर कभी कभार तेन्दुआ दिखाई देने की चर्चा होती थी, लेकिन अब तेन्दुआ ज्यादा नजर आने लगा है। 25 मई की रात्रि गंगरेल बांध के समीप कोटाभर्री गांव में पूर्व प्राचार्य अशोक पवार के फार्म हाउस से एक बछड़े का शिकार तेन्दुआ द्वारा किया गया। अगली सुबह श्री पवार फार्म पहुंचे तब उन्हें बछड़ा मृत अवस्था में मिला. पूर्व में भी फार्म से मुर्गियों का शिकार तेन्दुआ द्वारा किया जा चुका है। आसपास ग्राम जैसे विश्रामपुर, तुमराबहार, डांगीमाचा, बरारी, गंगरेल के आसपास बांध क्षेत्र में कई बार ग्रामीणों द्वारा रात में तेन्दुएं को विचरण करते देख चुके है। वन विभाग को भी इसकी सूचना है विभाग द्वारा समय-समय पर तेन्दुएं के मूव्हमेंट और मौजूदगी के अनुसार आसपास के ग्रामों में सुरक्षा हेतु मुनादी कराई जाती है। साथ ही रात में घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी जाती है। तेन्दुआ अब जानवरों के शिकार के साथ आदमखोर भी हो चुका है। इसलिए लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।
100 से अधिक हो सकती है तेन्दुएं की संख्या
जिले में बढ़ते तेन्दुएं मूव्हमेंट व संख्या पर विभाग की पैनी नजर है। इसी संबंध में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार जिले में पिछले कुछ सालों में तेन्दुएं की संख्या काफी बढ़ी है। वर्तमान में जिले के जंगलो में 100 से अधिक तेन्दुआ होने की संभावना है। इसलिए पिछले कुछ सालो में तेन्दुआ द्वारा दिखाई पडऩे, मवेशियों व इंसानों की शिकार के मामले भी बढ़े है। इस हिसाब से विभाग द्वारा सुरक्षा हेतु लोगो को जागरुक भी किया जा रहा है।
तेन्दुआ के मूव्हमेंट के हिसाब से चिन्हित किये गये हॉटस्पॉट
धमतरी जिला वन मण्डल अधिकारी श्री कृष्ण जाधव ने बताया कि जिले में तेन्दुएं की संख्या व मूव्हमेंट बढ़ी है। सुरक्षा की दृष्टिकोण से पूर्व व वर्तमान में तेन्दुआ की मौजूदगी व मवेशियों व इंसानों के शिकार की घटनाओं के आधार पर विभाग द्वारा कुछ हॉटस्पॉट चिन्हित किये गये है। विशेषकर इन क्षेत्रो में तेन्दुएं से बचाव हेतु विशेष सावधानी बरतने जागरुकता लाने प्रयास किये जा रहे है।
3 जागरुकता बिन्दुओं पर विभाग कर रही कार्य
डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने बताया कि तेन्दुएँ के खतरे को कम से कम करने विभाग द्वारा 3 जागरुकता बिन्दुओं पर कार्य किये जा रहे है। जिसके तहत प्रभावित क्षेत्रो का चिन्हाकंन कर इन क्षेत्रो में आंगन या घर के बाहर छोटे बच्चों को अकेले नहीं छोडऩे, विशेषकर शाम 5 से 8 बजे के बीच बच्चों को अकेले न छोडऩे, बुजुर्गो या बच्चों को आंगन या खुले में नहीं सोने, प्रभावित क्षेत्रो में जंगलो व खुले क्षेत्रो में शौच न जाने हेतु मुनादी व अन्य माध्यमों से जागरुक करने का प्रयास किया जा रहा है।
औसतन महीने में 15 से 20 शिकार के मामलो में बन रहा मुआवजा प्रकरण
तेन्दुआ द्वारा जिले में मवेशियों की शिकार की लगातार घटनाएं होती रहती है। जिस पर विभाग द्वारा जांच पड़ताल कर मुआवजा प्रकरण तैयार कराकर प्रभावितों को मुआवजा प्रदान कराया जाता है। जिले में ज्यादातर मुर्गी, बकरे, बकरियां, मवेशी आदि के शिकार तेन्दुआ द्वारा किया जाता है।
बड़े चूहो से लेकर मवेशियों तक करते है शिकार, जिले में पर्याप्त शिकार इसलिए बढ़ रह संख्या
डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने बताया कि तेन्दुआ छोटे से लेकर मध्यम जीवो का शिकार करता है। इसलिए उसे शिकार की कमी नहीं रहती। तेन्दुआ बड़े चूहो से लेकर खरगोश, मुर्गियों, कुत्तो, बछड़ो, चीतल, हिरण सहित अन्य वन्य जीवो का शिकार करते है। वहीं कभी कभी छोटे बच्चों या बुजुर्गो जो शौच या अन्य कारणों से बैठे या लेटे हो उनका शिकार करते है। तेन्दुआ अपने से ज्यादा साइज के मानव का शिकार करने बचते है। इसलिए जिले में पर्याप्त शिकार मिल जाने के कारण तेन्दुएं की संख्या बढ़ती जा रही है। तेन्दुआ ऐसा वन्य प्राणी है जिसके उपस्थिति कहीं भी जैसे रिहायशी इलाको, खोते, जंगलो, पहाडिय़ो में भी पाई जाती है। पेड़ो में आसानी से चढ़ सकते है, तेजी से शिकार करते है। वहीं बड़े हंटर जैसे शेर या बाग छोटे शिकार नहीं करते।

”जिले में तेन्दुएं की संख्या ज्यादा है तेन्दुएं द्वारा मवेशियों के शिकार की सूचनाएं मिलती रहती है। तेन्दुएं से सुरक्षा हेतु हॉटस्पॉट चिन्हित कर सुरक्षा हेतु जागरुकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही शिकार प्रकरणो में मुआवजा भी प्रदान किया जाता है। ÓÓ
श्रीकृष्ण जाधव
डीएफओ जिला धमतरी

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