खाद् की किल्लत, विद्यार्थियों के साथ धोखा, बढ़ती मंहगाई, पेयजल संकट, खदानो में नियमों का उल्लंघन बनी भाजपा सरकार की पहचान – तारिणी चन्द्राकर
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य व केन्द्र की डबल इंजन सरकार को बताया पूरी तरह फेल

धमतरी। जनता से लोक लुभावन व बड़े-बड़े वादे कर सत्ता में काबिज हुई भाजपा सरकार अब जनता की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। चुनाव जीतने के बाद जनता के साथ विश्वास घात कर राज्य व केन्द्र की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। उक्त बाते कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चन्द्राकर ने कही।
श्रीमती चन्द्राकर ने चर्चा के दौरान कहा कि नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक से देश भर के 22 लाख से अधिक होनहार छात्र-छात्राओं की उम्मीदों पर पानी फेरा गया उनकी मेहनत व विश्वास को खराब किया गया। भाजपा सरकार पहले भी कई इस प्रकार की धांधली हो चुकी है। इससे ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्र- छात्राओं के हौसले कमजोर हुए है। इसका दोष पूर्णत: केन्द्र सरकार व एनडीए को जाता है। खाद की किल्लत से प्रदेश के अन्नदाता परेशान है। साय सरकार की गलत खाद नीति और कुप्रबंधन ने धनहा धमतरी कहे जाने वाले धमतरी जिले के किसानों को संकट में डाल दिया है। राज्य सरकार द्वारा लागू खाद नीति पूरी तरह किसान विरोधी है। किसान राज्य व केन्द्र की भाजपा सरकार से त्रस्त हो चुकी है। पेट्रोल डीजल के दामो में लगातार बढ़ोत्तरी व बढ़ती मंहगाई से देश की जनता परेशान है। निम्न व मध्यमवर्गीय परिवार के रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। जब अन्तर्राट्रीय बाजार कच्चे तेल की कीमत काफी कम रही तब भी पेट्रोल डीजल के दाम आसमान छू रहे थे और अब जब युद्ध के हालात है तब भी दाम लगातार बढ़ाए जा रहे है। देश की अर्थ व्यवस्था नरेन्द्र मोदी जैसे कमजोर प्रधानमंत्री के हाथो है। जिससे रुपया दिन प्रतिदिन टूटता जा रहा है। और डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहे है। इसका छग शासन पर हो रहा है। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से जनता जूझ रही है। केन्द्र की नल जल योजना, भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गई। लोगो को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में भी साय सरकार असफल साबित हुई है। रेत खदानो में नियमों का उल्लंघन साय सरकार की पहचान बन चुकी है। लगातार शिकायतों के बाद भी अवैध खनन, परिवहन थम नहीं रहा है। हाल ही में खरेंगा में इस प्रकार खनन किया गया कि 10 दफनाई गई शवे बाहर निकल आई। जिससे ग्रामीणों की भावनाएं आहत हुई, लोगो में आक्रोश है। लेकिन सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। दिखावे के लिए औपचारिकता वाली कार्रवाई कर अवैध खनन आघोषित बढ़ावा दे रही है।