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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नगर पंचायत नगरी में आवारा कुत्तों के विरुद्ध विशेष अभियान, वैक्सीनेशन व स्टेरलाइजेशन से जनसुरक्षा को मिलेगी मजबूती

स्टेरलाइजेशन से आवारा कुत्तों की अनियंत्रित बढ़ती संख्या पर नियंत्रण होगा-नंप. अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा

नगरी। नगरवासियों की सुरक्षा, जनस्वास्थ्य एवं आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या को गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत नगरी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों तथा एबीसी (एनिमल बर्थडे कण्ट्रोल ) नियम, 2023 के तहत आवारा कुत्तों के वैक्सीनेशन, स्टेरलाइजेशन (नसबंदी) एवं डी-वॉर्मिंग का विशेष अभियान प्रारंभ किया। नगर के जागरूक जनप्रतिनिधियों की मांग पर चलाए गए इस अभियान में धमतरी नगर निगम की विशेषज्ञ टीम ने पूरे नगर में घूम-घूमकर चिन्हित आवारा कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा।
नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने बताया कि अभियान प्रारंभ होने से पूर्व जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने अपने-अपने वार्डों में भ्रमण कर ऐसे आवारा एवं आक्रामक कुत्तों की पहचान की, जिनसे आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को परेशानी हो रही थी। चिन्हित कुत्तों की जानकारी विशेषज्ञ टीम को उपलब्ध कराई गई, जिसके बाद पूरे नगर में विशेष अभियान चलाकर 9 आवारा कुत्तों को पकड़कर उनका एंटी रेबीज वैक्सीनेशन, स्टेरलाइजेशन एवं डी-वॉर्मिंग की प्रक्रिया के लिए भेजा गया।
अध्यक्ष श्री छाबड़ा ने कहा कि यह अभियान किसी भी पशु को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि मानव सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। स्टेरलाइजेशन से आवारा कुत्तों की अनियंत्रित बढ़ती संख्या पर नियंत्रण होगा, एंटी रेबीज वैक्सीनेशन से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी की रोकथाम होगी तथा डी-वॉर्मिंग से कुत्तों के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। इससे भविष्य में कुत्तों के काटने की घटनाओं और संक्रमण के खतरे में भी कमी आएगी।
नगरवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए बताया कि कई वार्डों में रात के समय आवारा कुत्तों के झुंड राहगीरों का पीछा करते हैं तथा कई बच्चों और नागरिकों को काटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। ऐसे में नगर पंचायत द्वारा शुरू किया गया यह अभियान समय की आवश्यकता है। नागरिकों ने मांग की कि इस प्रकार के अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं ताकि नगर में सुरक्षित, स्वच्छ एवं भयमुक्त वातावरण कायम रहे।
नगर पंचायत नगरी ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों एवं एबीसी नियम, 2023 के अनुरूप आगे भी चरणबद्ध तरीके से अभियान जारी रहेगा, जिससे आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित होने के साथ-साथ रेबीज मुक्त, सुरक्षित और स्वस्थ नगरी के निर्माण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

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