लक्ष्मी पूजन की रात पत्नी लक्ष्मी की हत्या कर पति ने लगा ली फांसी,फैली सनसनी
मरने के पहले पति ने लगाया स्टेट्स- मैं हिम्मत यादव मैने अपनी पत्नी लक्ष्मी यादव को जान सहित मार दिया हूँ,कारण कुछ नहीं बस मेरी पत्नी लक्ष्मी यादव की मां बाप की वजह से मारा दिया हूं

धमतरी/मगरलोड-मगरलोड ब्लॉक के करेली बड़ी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम हरदी में लक्ष्मी पूजन की रात बड़ी घटना घटी है। घर के अंदर पति-पत्नी की लाश मिलने से सनसनी फैल गई।पत्नी मृत हालत में पड़ी हुई थी और उसका पति फांसी पर लटका हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है। दीपावली में इस घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार 21 अक्टूबर को हितेश यादव के स्टेटस में लिखा हुआ चार लाइन जमकर वायरल होने लगा। जिससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि ग्राम हरदी निवासी हितेश यादव ने अपनी पत्नी लक्ष्मी यादव का लक्ष्मी पूजन के ही दिन रात में हत्या कर खुद फांसी पर लटक गया। 21 की सुबह जब पुलिस को सूचना मिली, मौके पर पहुंचे तो दोनों की लाशकमरे में थी। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। करेली बड़ी चौकी प्रभारी राधेश्याम बंजारे ने बताया कि यह घटना 20 अक्टूबर की रात 11 से 21 अक्टूबर की सुबह 7 बजे के बीच की है। 21 की सुबह परिजनों ने हितेश के कमरे का दरवाजा खटखटाया जवाब नहीं नहीं मिलने पर उसके भाई ने वेंटिलेशन से देखा तो हितेश फांसी पर लटका हुआ था और उसकी पत्नी की लाश बाजू में पड़ी हुई थी। पुलिस को सूचना दी गई। सीढ़ी के माध्यम से कमरे में जब उतरे तो देखा उसकी पत्नी लक्ष्मी यादव की लाश पड़ी हुई थी और हितेश फांसी पर लटका हुआ था। प्रथम दृष्ट्या यह आशंका है कि हितेश ने अपनी पत्नी की हत्या कर खुद लटक गया होगा। पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
मरने के पहले पति ने लगाया था स्टेट्स जिसमें लिखा है मैं हिम्मत यादव मैने अपनी पत्नी लक्ष्मी यादव को जान सहित मार दिया हूँ।कारण कुछ नहीं बस मेरी पत्नी लक्ष्मी यादव की मां बाप की वजह से मारा दिया हूं और मैं फांसी लगा लिया हूं।मृतक के बड़े भाई ने पुलिस में बयान दर्ज कराया है हितेश यादव इसका छोटा भाई है जिसका विवाह 1 वर्ष पूर्व ग्राम मोहंदी के लक्ष्मी से हुआ था। लक्ष्मी यादव इसकी पत्नि की छोटी बहन है। विवाह के 2-3 माह बाद इसका छोटा भाई हितेश अपनी पत्नि लक्ष्मी को साथ लेकर ग्राम मोहंदी अपने ससुर संतोष यादव के घर जाकर निवास कर रहे थे। 19 अक्टूबर की शाम करीबन 5:30 दिवाली त्यौहार मनाने के लिये इसका छोटा भाई हितेश अपनी पत्नि लक्ष्मी के साथ इसके घर ग्राम हरदी आये थे। 20 की रात्रि लगभग 11 बजे भाई बहु लक्ष्मी यादव अपने कमरे में थी। भाई हितेश यादव इसके घर के सामने में था। जिसके बाद घर आकर सो गया । परिवार के सदस्य भी सो गये थे।21 अक्टूबर की सुबह करीबन 7 बजे तक भाई व बहु के कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर से आवाज नही आने से यह सीढी लगाकर वेन्टीलेशन से कमरे के अंदर देखा तो इसका भाई हितेश यादव सिलिंग पंखा को लगाने के छत में लगे हुक से साड़ी से फांसी लगकर लटक रहा था । वेन्टीलेशन से कमरे के अंदर घुसकर देखा तो कमरे के फर्स में इसके भाई हितेश यादव की पत्नि लक्ष्मी यादव मृत अवस्था में पड़ी थी। जिसके गले में गमछा फंसा हुआ था। जिसकी चुडियां भी टुटी हुई बिखरी पडी थी।कमरे का दरवाजा अंदर से खोलकर अपने पिता रघुनाथ यादव के साथ मिलकर अपने भाई हितेश यादव के शव को नीचे ऊतारा।
