भटगांव में भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ मातर महोत्सव का शुभारंभ, दिखी छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
हैरतअंगेज करतब व कलाबाजी से लोग हुए आकर्षित

धमतरी। भाईदूज पर मातर महोत्सव पूरी आस्था एवं उल्लास से मनाया गया। ग्राम पंचायत भटगांव में ग्राम विकास समिति व रावण मारो समिति एवं युवा संगठन तथा ग्रामीणों के संयुक्त तत्वाधान में मातर महोत्सव का आयोजन किया गया। ग्राम विकास समिति के दूजराम साहू, रोशन साहू, नेहरु सेन ने बताया कि गांव में दीवाली के बाद मातर महोत्सव आयोजन की शुरुआत करीब 37 वर्ष पूर्व गांव के वरिष्ठो द्वारा की गई थी। इस परंपरा का निर्वहन आज भी हो रहा है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ी संस्कृति को कायम रख गांव में आपसी भाईचारा एवं एकजूटता बनाये रखना है। मातर महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इसकी अगुवाई करते यादव बंधु पारंपरिक दोहा लगाते हुए झूमते चल रहे थे। इस बीच छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक भी नजर आई। साथ ही डांग डोली एवं बैगाओं का समूह पारंपरिक बाजा के धुन में झूमते रहे। इस बीच जय यादव जय माधव के जयकारे भी गूंजायमान होते रहे। इसके पूर्व साहड़ा देव एवं गांव के समस्त देवी-देवता का विधिवत आहव्न कर ग्रामीणों के लिए सुख शांति एवं समृद्धि हेतु मंगल कामना की गई। पश्चात यादव बंधुओं द्वारा परंपरागत ढंग से गोवंश के माध्यम से कुम्हड़ा ढुलाई की रस्म अदा की गई। साथ ही अन्य विविध कार्यक्रम भी आयोजित हुए। मातर महोत्सव में जय बजरंग अखाड़ा सहित समिति के अन्य कलाकारों ने बैलगाड़ी चक्का उठा विविध प्रकार के हैरत अंगेज करतब दिखाये। साथ ही राउंड नुमारिंग में जलते आग में कला प्रदर्शित किया। एक युवा ने अपने दांतों से साइकिल उठा कलाबाजी प्रदर्शित की। साथ ही पिरामिड बना युवाओं ने कई करतब दिखाये। जो कि आकर्षण का केन्द्र रहा। पश्चात खेलकूद सहित अन्य रोचक गेम्स हुए।