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आज शाम तुलसी विवाह कर मनाया जायेगा देवउठनी एकादशी पर्व, सजा गन्नो का बाजार

गोधूली बेला में होगा शालीग्राम व तुलसी विवाह, शयन निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु


धमतरी। आज देशभर में देव उठनी एकादशी का पर्व मनाया जायेगा इसे तुलसी विवाह या छोटी दीवाली भी कहा जाता है। इस पर्व के साथ ही मांगलिक कार्यो की शुरुवात होती है, लेकिन इस बार सूर्य तुला राशि में होने के कारण 20 दिन बार मांगलिक कार्यो की शुरुआत होगी। देवउठनी पर्व को छत्तीसगढ़ में जेठोनी, तुलसी विवाह, एवं छोटी दीवाली के नाम से भी जाना जाता है। इसे लेकर कल से शहर में गन्नो का बाजार सजा है। वही इस पर्व में गन्ना का विशेष महत्व होता है। इसकी वजह से शहर में बाहर से भी गन्ने की बड़ी खेप पहुंची है। घड़ी चौक, प्रशांत टाकीज के बाजू, रामबाग, मिशन मैदान, इतवारी बाजार, रुद्री रोड सहित अन्य स्थलो पर गन्ने की बिक्री की जा रही है। इसकी खरीदी एक दिन पूर्व से शुरु हो गई है। गन्ना को साइज व मोटाई के अनुसार 80 से 100 रुपये प्रति जोड़ी में बेचा गया। इस बार गन्ने की बिक्री अच्छे होने की उम्मीद है। इसे लेकर लोगो द्वारा गन्ने का मंडप सजा विधिवत तुलसी विवाह रचाया जाएगा। मान्यता है कि देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु शयन निद्रा से जागते है। इसके बाद ही मंगल कार्य शुरु होते है। शादियों के लिए शुभ मुहूर्त की शुरुवात होगी। जो कि 21 नवम्बर से प्रारंभ होगी। और नवम्बर दिसम्बर में कुल 11 शुभ मुहुर्त पर शहनाईयां गूंजेगी। ऐसी मान्यता है कि देवउठनी एकादशी के दिन ब्रम्हमुहूर्त में तीर्थ स्नान कर शंख घंटा बजाकर मंत्रोच्चार के साथ भगवान विष्णु को जगाया जाता है फिर शाम को गोधुली बेला में भगवान शालग्राम और तुलसी का विवाह कराया जाता है। साथ ही घरों व मंदिरो में दीप दान किया जाता है।

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