रिक्शा खरीदी पर निगम में गरमाया विवाद:विपक्ष ने महापौर पर साधा निशाना, कहा,गुणवत्ताहीन रिक्शा की जिम्मेदारी से बच रहे हैं

धमतरी। नगर पालिका निगम में रिक्शा खरीदी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, उपनेता विशु देवांगन, पार्षद सुमन सोमेश मेश्राम, योगेश लाल एवं अन्य कांग्रेस पार्षदों ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर महापौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।विपक्षी पार्षदों का कहना है कि रिक्शा खरीदी का टेंडर पूर्व कार्यकाल में स्वीकृत किया गया था, लेकिन रिक्शा की सप्लाई महापौर के कार्यकाल में की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सप्लाई लेने से पहले गुणवत्ता की जांच किए बिना ही वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जिससे घटिया दर्जे के रिक्शे खरीदे गए।कांग्रेसी पार्षदों ने कहा कि महापौर अब इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी से बचने के लिए भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं। विपक्ष ने मांग की है कि निगम प्रशासन खरीदी प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गुणवत्ता में कमी कहां हुई और किस स्तर पर लापरवाही बरती गई।विपक्षी पार्षदों ने यह भी कहा कि जनता के पैसे से खरीदे गए रिक्शों की गुणवत्ता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को परिषद की अगली बैठक में जोरदार ढंग से उठाएंगे । महापौर का आठ महीने का कार्यकाल हो चुका है और इन आठ महीने में 40 वार्डो में कोई काम नहीं हुआ है सभी पार्षद वार्ड विकास करवाने के लिए तरस रहे हैं इन आठ महीने में वार्डो में कार्य हुआ ही नहीं है महापौर का ध्यान शासन प्रशासन से नगर निगम में विकास कार्यों स्वीकृत करने में होना चाहिए ना कि पिछले कार्यकाल में हुए कार्यों को देखने में और वह अब भी हर चीज में पिछले कार्यकाल को जिम्मेदार ठहरते हैं जनता ने उन्हें नगर निगम में शहर हित और शहर विकास के लिए भेजा है न कि पिछले कार्यकाल के कार्यों जानना चाहती है ।
