छत्तीसगढ़ की असली पहचान उसकी संस्कृति और प्रतिभा में है-रामू रोहरा
छत्तीसगढ़ की माटी, महक और हुनर को मिला बड़ा मंच: हुनरबाज ऑडिशन धमतरी में सम्पन्न

धमतरी। छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोककला और प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित हुनरबाज ऑडिशन का तीसरा चरण धमतरी में भव्य तरीके से सम्पन्न हुआ। प्रदेश के नम्बर-वन न्यूज़ चैनल द्वारा पहली बार छत्तीसगढ़ी कला को समर्पित इस मेगा प्लेटफॉर्म ने शहर में उत्साह का अनोखा माहौल बनाया।कार्यक्रम की शुरुआत शहर के प्रथम नागरिक महापौर जगदीश रामू’ रोहरा, डीपीएस स्कूल धमतरी के प्रिंसिपल वर्मा जी, बाजपेयी जी, तथा धमतरी संवाददाता देवेंद्र कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। शुरुआत से ही पूरा आयोजन छत्तीसगढ़ी रंग और परंपरा से सराबोर रहा।अतिथियों का स्वागत छत्तीसगढ़ ठुमका टीम ने पुष्पगुच्छ, साल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह देकर किया। मंच पर पारंपरिक लोकनृत्य और आधुनिक प्रस्तुतियों का शानदार संगम देखने मिला, जिसने दर्शकों को रोमांचित किया।मुख्य अतिथि महापौर रोहरा ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा हिंदी और अंग्रेजी में डांस प्रतियोगिताएँ तो कई बार देखी हैं, पर पहली बार छत्तीसगढ़ की अपनी कला और संस्कृति को इतना बड़ा मंच मिल रहा है। यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। आयोजन की पूरी टीम बधाई की पात्र है।ऑडिशन में धमतरी सहित जांजगीर, रायगढ़, कवर्धा, बालोद, कोरबा, गरियाबंद और बस्तर से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। लोकनृत्य से लेकर फ्यूज़न और मॉडर्न डांस तक, सभी ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।इस मेगा शो में चयनित प्रतिभागियों का प्रदर्शन अब टीवी पर प्रसारित होगा, जहां उन्हें पूरे प्रदेश के सामने अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम न केवल कलाकारों को मंच दे रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति को नई पहचान भी दिला रहा है।अंत में महापौर रामू रोहरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली पहचान उसकी संस्कृति और प्रतिभा में है। ऐसे आयोजन युवा कलाकारों का हौसला बढ़ाते हैं और हमारी माटी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं।